भवन निर्माण:मेडिकल कॉलेज में बनेगा फेज-2 का अस्पताल, अंग्रेजों के जमाने के भवन को तोड़ना शुरू किया

करनाल19 दिन पहले
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मेडिकल कॉलेज में पुराने भवन को गिराते हुए। - Dainik Bhaskar
मेडिकल कॉलेज में पुराने भवन को गिराते हुए।
  • अंग्रेजों के जमाने के इस भवन में करीब 286 साल तक रखा गया जिले का राजस्व रिकाॅर्ड

कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में दूसरे फेज का अस्पताल तैयार किया जाएगा। इसके लिए अंग्रेजों के जमाने के पुराने भवनों को तोड़ा जा रहा है। ब्रिटिश शासन में इस भवन में राजस्व रिकार्ड कार्यालय संचालित किया गया था,कुछ माह पहले तक यहां पर रिकार्ड रखा था, लेकिन पुराने रिकार्ड को सेक्टर-12 में पहुंचा दिया था।

इसे तोड़कर यहां पर अस्पताल का नया भवन बनाया जाएगा। थाना सदर के सामने वाले भवन को फिलहाल सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि यहां पर पुराने भवन की निशानी बची रहे। यह जमीन कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित हो गई, इसलिए खंडहर में तब्दील इमारत को तोड़ा जा रहा है।

तीन सदियों तक सहेजा राजस्व और न्यायिक रिकाॅर्ड : 1834 से ब्रिटिश शासन में इस भवन में राजस्व रिकार्ड कार्यालय संचालित किया गया था। करीब 286 साल इस इमारत में जिले का राजस्व रिकार्ड रखा गया। इस भवन में ज्यूडिशियल कोर्ट का रिकार्ड भी रखा जाता था। न्यायालय परिसर सेक्टर 12 में बनने के बाद वह रिकार्ड यहां से ले जाया गया।

इमारत कंडम होने पर राजस्व रिकार्ड कार्यालय को भी 2018-19 में स्थानांतरित कर दिया था। पुराना रिकार्ड अंग्रेजी व उर्दू भाषा में था। जमीनों की जमाबंदी, गिरदावरी, खसरा नंबर व मालिकाना हक इत्यादि रिकार्ड इस भवन में तीन सदियों तक सहेजा गया।

भवन की चौड़ी दीवारें और ऊंची छत, भवन में नहीं लगती गर्मी : भवन की चौड़ी दीवारें, ऊंची छत, ऊंचे गोल मजबूत दरवाजे, बड़े आकार की खिड़कियां यह दर्शाती थी कि किसी जमाने में महत्वपूर्ण रिकार्ड की सुरक्षा के लिहाज से मजबूती के साथ इस भवन का निर्माण किया गया था। दीवारों की चौड़ाई इतनी है कि आज के घरों में इतना चौड़ा बाथरूम बनाया जाता है। अब यह भवन जीर्णशीर्ण हो चुका था। इस भवन में गर्मी भी नहीं लगती।

तोड़ने में करनी पड़ रही है कड़ी मशक्कत

ठेकेदार ने लगभग चार लाख रुपए में इसका इसके तोड़ने का टेंडर लिया हुआ है। इसमें इंट और चूने का प्रयोग हुआ है, जेसीबी के आगे सूंभा लगाकर इसे तोड़ा जा रहा है। ज्यादातर इंटें टूटी हुई निकल रही हैं। जेसीबी भवन का थोड़ा सा हिस्सा ही तोड़ पाती है। ठेकेदार का कहना है कि पुराने जमाने में ईमानदारी से सरकारी भवनों को बनाया जाता था, इसलिए इतना मजबूत है।

धरोवर के रूप में एक भवन को रखेंगे सुरक्षित

कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डाॅ. जगदीश चंद्र दुरैजा ने बताया कि यह भवन ज्यादा जर्जर हो गया है। इसलिए इसे तोड़ा जा रहा है। फिलहाल साथ लगते भवन को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां पुरानी धरोहर को देख सकें।

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