कैथल के ऑक्सीजन प्लांट का PM ने किया उद्घाटन:1000 लीटर प्रति मिनट उत्पादन होगा; कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर सामान्य अस्पताल में 2 करोड़ की लागत से बनाया गया

करनाल15 दिन पहले
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ऑक्सीजन प्लांट का वर्चुअली उद्घाटन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - Dainik Bhaskar
ऑक्सीजन प्लांट का वर्चुअली उद्घाटन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

हरियाणा के कैथल जिले के सामान्य अस्पताल में तैयार ऑक्सीजन प्लांट का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। पीएम केयर फंड से तैयार किए गए इस प्लांट का उद्घाटन वर्चुअली किया गया। स्वास्थ्य विभाग और इंजीनियर्स की टीम ऑक्सीजन प्लांट को चेक करने के बाद शुरू करने की अनुमति दे चुके हैं।

2 करोड़ की लागत आई

प्लांट में करीब 2 करोड़ रुपए की लागत की मशीनों को इंस्टॉल किया गया है। इसमें हर मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। इससे एक साथ कई वार्डों में मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई आसानी से की जा सकेगी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑक्सीजन की कोई कमी नही रहे, उसके पूरे प्रबंध कर लिए गए हैं।

ऑक्सीजन प्लांट के उद्घाटन अवसर पर मौजूद मंत्री कमलेश ढांडा व विधायक लीलाराम गुर्जर।
ऑक्सीजन प्लांट के उद्घाटन अवसर पर मौजूद मंत्री कमलेश ढांडा व विधायक लीलाराम गुर्जर।

जरूरत से अधिक ऑक्सीजन पैदा होगी

ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता प्रति मिनट 1000 लीटर है यानि 24 घंटे में 14.40 लाख लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। अस्पताल में करीब 200 बड़े डी-टाइप सिलेंडर की खपत थी। एक डी टाइप सिलेंडर में 7 क्यूबिक ऑक्सीजन स्टोर होती है। एक क्यूबिक मीटर में करीब 1000 लीटर ऑक्सीजन आती है। इस हिसाब से एक डी-टाइप सिलेंडर में 7 हजार सिलेंडर ऑक्सीजन स्टोर होती है। इसलिए करीब 205.7 डी-टाइप सिलेंडरों का उत्पादन रोजाना हो सकेगा, यानी खपत से 5 सिलेंडर अधिक ऑक्सीजन उपलब्ध होगी। नागरिक अस्पताल में सीधे तौर पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए 150 कनेक्टर लगे हुए हैं।

निरीक्षण करते हुए डीसी व अन्य अधिकारी।
निरीक्षण करते हुए डीसी व अन्य अधिकारी।

हवा से ही बनेगी ऑक्सीजन

प्लांट में मशीनें ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए हवा में मौजूद ऑक्सीजन का ही इस्तेमाल करेंगी। हवा में करीब 78 प्रतिशत नाइट्रोजन और 21 प्रतिशत ऑक्सीजन उपलब्ध है। एक प्रतिशत दूसरी गैस होती है। प्लांट में प्रेशर स्विंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें एक चैंबर से कुछ सोखने वाले रासायनिक तत्व डालकर उसमें से हवा को गुजारा जाता है। इसके बाद हवा नाइट्रोजन सोखने वाले तत्वों से चिपककर अलग हो जाती है और ऑक्सीजन अलग हो जाती है। इसके लिए दबाव काफी उच्च रखना होता है।

कैथल के डीसी प्रदीप दहिया ने उद्घाटन से पहले नागरिक अस्पताल में बने पीएसए प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, एसडीएम संजय कुमार, जिप सीईओ सुरेश राविश, सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा भी मौजूद रहे।