असंध रूट्स पर 20 निजी बसों का संचालन:टाइम टेबल बसें चलाने की मांग को लेकर निजी संचालकों ने कर रखी है हड़ताल, यात्री परेशान

करनाल9 महीने पहले
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करनाल. हड़ताल होने के कारण करनाल बस स्टैँड के बाहर खड़ी  बसें। - Dainik Bhaskar
करनाल. हड़ताल होने के कारण करनाल बस स्टैँड के बाहर खड़ी बसें।

करनाल-असंध मार्ग पर टाइम टेबल पर प्राइवेट बसों को नहीं चलने देने के विरोध में रविवार काे तीसरे दिन भी प्राइवेट बस संचालकों ने बसों को नहीं चलाया। प्राइवेट बस संचालक विरोध जता रहे हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जो उनका टाइम टेबल है, उसके मुताबिक बसों का संचालन किया जाए। जब तक टाइम टेबल को लागू नहीं किया जाता तब तक वह बसों का संचालन नहीं करेंगे। इससे उनको रोजाना लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है और यात्री भी परेशान हैं।

असंध रूट्स पर प्राइवेट 20 बसों का संचालन हैं। वाे 12 मार्च से बसें बंद करके हड़ताल कर रहे हैं। समिति बस संचालक विजय राणा का कहना है कि आपसी खींचतान से कोई हल नहीं होता है। सभी भाईचारे के साथ झगड़ा समाप्त करके बसों का संचालन करवाएं।

विरोध जता रहे द हरियाणा काेऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी वेलफेयर एसोसिएशन करनाल के प्रधान जगबीर सिंह, विजय राणा, रविंद्र कुमार ने बताया कि आरटीए की तरफ से जारी की गई समय सारिणी के अनुसार रोडवेज स्टाफ प्राइवेट बसों को नहीं चलने देता है। रोडवेज की एक बस को 9 मिनट और प्राइवेट बस को 18 मिनट दिए गए हैं। 18 मिनट में प्राइवेट की दो बसें हैं और अलग-अलग बस समितियों की हैं। यह इसलिए किया गया है कि प्राइवेट बसें ज्यादा हैं।

अलॉट की गई समय सारिणी के अनुसार करीब 14 घंटे का टाइम टेबल बनाया हुआ है। इस हिसाब से सभी बसों को 9-9 मिनट आ गए। इस दौरान यात्रियों और विद्यार्थियों का पिक टाइम मानते हुए कुछ समय के लिए आठ-आठ मिनट के अंतराल में भी बसें चलाने के आदेश हैं। आठ-आठ मिनट वाले टाइम पर एक रोडवेज और एक प्राइवेट बस चलती है।

इसके अलावा अन्य टाइम 9-9 मिनट पर दो प्राइवेट अलग-अलग समिति की बस चलती हैं। एक रोडवेज बस चलाने का टाइम है। जारी समय सारिणी के मुताबिक प्रतिदिन समिति की बसों का समय राेटेशन वाइज चलता है। ऐसा इसलिए चलता है कि सभी बसों की लाभ व हानि लगभग बराबर रहे। विरोध जता रहे बस संचालकों ने कहा कि उच्च न्यायालय की तरफ से इस टाइम टेबल को लागू करवाने के आदेश हो रखे हैं, लेकिन रोडवेज स्टाफ इसको लागू नहीं होने दे रहा है।

समय सारिणी में काउंटर नंबर 8 से बसों के संचालन के आदेश हैं। जबकि इस काउंटर के दाएं-बाएं दोनों साइड समिति की बस के टाइम में असंध-जींद, सफीदों के बोर्ड लगाकर रोडवेज बसों को खड़ा कर देते हैं। चलने के लिए आवाज लगाते हैं और टिकट काटते हैं। इससे यात्री प्राइवेट बस में चढ़ने की बजाए रोडवेज बसों में बैठ जाते हैं।

एसपी से मिल चुके हैं, निष्पक्ष जांच की मांग

विरोध जता रहे बस संचालकों का कहना है कि मंगलवार को जो निजी और रोडवेज स्टाफ के बीच झगड़ा हुआ था, उसकी निष्पक्ष से जांच हो। इस झगड़े में प्राइवेट स्टाफ पर केस दर्ज करवा दिया गया है, जबकि मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक किया जाए। मौके की वीडियो चेक करके देखा जाए कि उसमें जातिसूचक शब्द बोले गए हैं या नहीं। यदि जातिसूचक शब्द बोले गए हैं तो परिवहन समिति को कोई एतराज नहीं है। किसी के साथ गलत नहीं होना चाहिए।

रोडवेज यूनियन ने बराबर टाइम टेबल की मांग की

हरियाणा रोडवेज इंटक यूनियन के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि रोडवेज और प्राइवेट बसों का बराबर टाइम टेबल बनाए जाए। जो असंध काउंटर पर झगड़ा हुआ था, उस मामले में अाराेपियाें पर सख्त कार्रवाई हाे। हमारी मांग है कि रोडवेज और प्राइवेट बस संचालकों की एक कमेटी बनाई जाए और दोनों की सहमति से टाइम टेबल जारी करे।

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