पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

करनाल:खराब हुई शहर की आबोहवा, 10 दिनों में ग्रीन से रेड जोन में पहुंचा वायु प्रदूषण

करनालएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

शहर की आबोहवा जहरीली होने लगी है। हवा में धुंआ और धूल कणों तथा खेतों में प्लेवा करने से स्मॉग बनने लगा है। 12 दिन पहले जहां शहर में वायु प्रदूषण ग्रीन जोन में था, वहीं अब रेड जोन में पहुंचा गया है। इसका सबसे मुख्य कारण जमींदारों द्वारा खेतों में जीरी के अवशेष जलाना है। प्रशासन व कृषि विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद खेतों में फसल अवशेष जलाए जा रहे हैं।

पिछले साल जहां पराली जलाना लोगों के स्वास्थ्य पर आफत बना था, वहीं अगर पराली जलाने के केस इसी तरह बढ़ते रहे तो प्रदूषण की स्थित असहनीय होगी। प्रदूषण मापक यंत्रों के अनुसार पीएम 2.5 में अधिक प्रदूषण 325 और पीएम 10 में अधिकतम प्रदूषण 187 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक पहुंच गया है।

पिछले 12 दिनों में प्रदूषण के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो यह बढ़ता ही जा रहा है। हवा में लगातार प्रदूषण रूपी धीमा जहर हवा में घुलता जा रहा है। हालांकि कृषि विभाग जमींदारों द्वारा खेतों में पराली जलाने के मामलों को राेकने के लिए लगातार कार्रवाई में लगा है, लेकिन ऐसा लगता है कि जैसे फसल अवशेष जलाने वालों में कानून का खौफ नहीं है। ऐसा नहीं है कि उन्हें फसल अवशेष जलाने पर सरकार की ओर से लगाई गए प्रतिबंध की जानकारी न हो। जानकारी होते भी फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आ रहे हैं।

जिले में अब तक फसल अवशेष जलाने के 263 मामले पकड़े गए
जिले में फसल अवशेष जलाने से बहुत से जमींदार बाज नहीं आ रहे हैं। कृषि विभाग खुद अब तक 263 मामले पकड़ चुका है। पराली जलाने के मामलों में 40 हजार रुपए फाइन किया जा चुका है और तीन किसानों पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। डीडीए डाॅ. आदित्य डबास ने बताया कि कृषि विभाग की टीम खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को लेकर सतर्क है। जैसे ही कहीं से फसल अवशेष में आग लगी होने सूचना मिलती है तो टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है। आग को बुझवाया जाता और संबंधित किसान पर फाइन लगाया जाता है।

हवा में फैले फसल कटाई से उठने वाले धूल कण

प्रदूषण बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण पराली जलाना है। इसके साथ ही हवा में नमी रहने से धुंआ व धूल के कण ऊंचाई पर जाने के बजाए निचले लेवल पर ही तैरते रहते हैं। फसल कटाई से उठने वाले धूल के कण भी हवा में फैल गए हैं। यह समय ही ऐसा है। एक तो मौसम बदलाव करता है दूसरा जीरी कटाई और पराली जलाने के मामले होते हैं। अगर इन दिनों लॉकडाउन होता तो भी वायु में प्रदूषण बढ़ जाता। -एसके अरोड़ा, एसडीओ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- परिस्थिति तथा समय में तालमेल बिठाकर कार्य करने में सक्षम रहेंगे। माता-पिता तथा बुजुर्गों के प्रति मन में सेवा भाव बना रहेगा। विद्यार्थी तथा युवा अपने अध्ययन तथा कैरियर के प्रति पूरी तरह फोकस ...

और पढ़ें