करनाल में 50 डेंगू पीड़ित:5079 घरों में मिला लारवा; नगर निगम का फॉगिंग पर जोर, सिविल अस्पताल में स्पेशल वार्ड तैयार

करनाल7 महीने पहले
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हरियाणा के करनाल जिले में भी डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब तक जिले में डेंगू के 50 मरीज मिल चुके हैं। लोगों को एक तो डेंगू का डर सता रहा है, ऊपर से बाजार में डेंगू के समय में प्रयोग होने वाले पदार्थों के रेट आसमान पर पहुंच गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में 120 बेड का स्पेशल वार्ड तैयार कर दिया है। लारवा जांचने वाली टीमों का चेकिंग समय बढ़ा दिया है। टीम अभी तक 2 लाख 39 हजार घरों में जांच कर चुकी है। इनमें से 5079 घरों में डेंगू का लारवा मिला है। दूसरी तरफ नगर निगम ने शहर में फॉगिंग का काम तेज कर दिया है।

शहर में फोगिंग करते हुए निगम की टीम।
शहर में फोगिंग करते हुए निगम की टीम।

4 साल में 104 मौत हुई

जिले में पिछले चार साल में डेंगू से 104 लोगों की मौत हो चुकी है। इस वर्ष अब तक 50 मामले सामने आए हैं। वर्ष 2020 में 93 केस और 2 मौत हुई थी। 2019 में 29 केस और एक मौत हुई थी। 2018 में 104 केस और 17 मौत हुई थी। 2017 में 234 केस और 85 मौत हुई थी।

6 मशीनें कर रही हैं फॉगिंग

नगर निगम में फॉगिंग के लिए 6 मशीनें उपलब्ध हैं, जबकि दवाई स्वास्थ्य विभाग मुहैया करवाता है। शहर के वार्ड 1, 2, 3, 9, 10, 12 व 13 में फॉगिंग करवाई जा चुकी है, वार्ड 5 व 6 में करवाई जा रही है। इसके अतिरिक्त हाई रिस्क एरिया और जहां से भी मच्छर या डेंगू के रोगी मिलने की शिकायत आती है, वहां भी फॉगिंग करवाई जा रही है। शिव कॉलोनी, आरके पुरम, कर्ण विहार, जुण्डला गेट, उत्तम नगर, दुर्गा कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी और हांसी रोड को हाई रिस्क करार दिया।

डेंगू की रोकथाम के लिए ये सावधानियां बरतें

अपने घर में व आसपास पानी एकत्रित न होने दें। जैसे नालियों, गड्‌ढों, कूलर्स, टूटी बोतलों, पुराने टायर्स, डिब्बों, फ्रीज के पीछे लगी ट्रे आदि में पानी इकट्ठा न हो। पानी की टंकियों तथा बर्तन को सही तरीके से ढक कर रखें, ताकि मच्छर उसमें प्रवेश न कर सकें। पानी के स्त्रोतों में छोटी किस्म की मछलियां जैसे गंबुजिया, लैबिस्टर डाल सकते हैं। ये मछलियां पानी में पनप रहे मच्छरों व उनके अंडों को खा जाती हैं। खिड़कियों व दरवाजों में जाली लगाकर मच्छरों को रोकें तथा मच्छर नाशक क्रीम, स्प्रे, मेट्स, कॉइल्स आदि प्रयोग करें। ऐसे कपड़े पहनने चाहिएं, जिससे शरीर का अधिक से अधिक भाग ढका रहे, यह सावधानी बच्चों के लिए अति आवश्यक है। निक्कर व टी-शर्ट अक्तूबर में न पहने जाएं तो अच्छा है। अपने आसपास सफाई रखें। जिस क्षेत्र में मच्छरों की तादाद ज्यादा रहती है, उनके बारे में स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, नगर पालिका व नगर निगम को सूचित करें।

प्रशासन सतर्क, रोकथाम में जुटा विभाग

डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि डेंगू की रोकथाम को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम में जुटा हुआ है। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में 120 बेडों का स्पेशल वार्ड भी तैयार है। शहर में फॉगिंग जोरों पर करवाई जा रही है। जिलावासियों से अपील है कि वे पानी खड़ा न होने दें।

नारियल पानी व बकरी के दूध की मांग

डेंगू के चलते शहर में नारियल पानी व दूध की मांग बढ़ गई है। एक डेंगू मरीज के परिजन का कहना है कि बकरी का दूध फायदेमंद बताया जा रहा है। मौजूदा समय में बकरी का दूध दो हजार रुपए लीटर दिया जा रहा है। बाजार में नारियल पानी की कमी हो गई है। जहां पर मिलता है, वहां पर 250 रुपए तक वसूले जा रहे हैं।

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