फर्जीवाड़ा:यूपी के गेहूं पर कटते रहे हरियाणा के नाम गेट पास, मार्केट कमेटी सेक्रेटरी कैमरों में देखते रहे

करनाल6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

करनाल की अनाज मंडी में बुधवार को सरेआम यूपी के गेहूं के हरियाणा के किसानों के नाम पर गेट पास कटते रहे। मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी सुरेंद्र सिंह ऑफिस में बैठकर इस गड़बड़ी को देखते रहे, लेकिन कार्रवाई करने के लिए ऑफिस से बाहर नहीं निकले।

सुबह से दोपहर तक गेट नंबर एक से ही यूपी का करीब 12 हजार क्विंटल गेहूं हरियाणा के नाम पर मंडी में उतर गया। इस फर्जीवाड़े की सूचना डीसी, एसडीएम, जोनल एडमिनिस्ट्रेटर को दी गई। कोरोना में व्यस्त होने के बाद इन अधिकारियों ने सेक्रेटरी काे फोन किए गए तो सेक्रेटरी चार घंटे देरी से गेट नंबर एक पर पहुंचे।

फर्जीवाड़े को देखकर उन्होंने यूपी के गेहूं को कांटे पर तुलने नहीं दिया और यूपी के किसान काे मंडी से बाहर ले जाने की बात कही तो सेक्रेटरी को जवाब दिया कि यह आढ़ती ने मंगवाया है। हमारे आढ़ती से बात करो। इसके बाद वह मंडी के अंदर ही यूपी का गेहूं ले जाते रहे और सेक्रेटरी देखते ही रहे।

आरोप लगाया कि फर्जीवाड़े के लिए करीब 20 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत ली जा रही है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि यह फर्जीवाड़ा है, लेकिन इसे रोक नहीं सकते। करनाल और घरौंडा की मंडी में यूपी का सबसे ज्यादा माल खपत होता है।

हरियाणा के किसानों के नाम पर गेट पास कटते हैं। पैसा हरियाणा के किसानों के ही खाते में जाएगा। इस पैसे की गारंटी आढ़ती की होती है। यही कारण है कि औसत से अधिक गेहूं मंडियों में बिक चुका है। गेटपास कटने के बाद सरकार को पैसे देने हाेंगे। बहुत से व्यापारी यूपी से 1910 रुपए प्रति क्विंटल खरीदकर सरकार को 1975 रुपए में बेच रहे हैं।

खबरें और भी हैं...