धान की कटाई:फसल अवशेष न जलाएं, भूमि के मित्र कीट होते हैं नष्ट

निसिंग2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

निसिंग एरिया के गांव चकदा में कृषि एवं कल्याण विभाग की ओर से गुरुवार को धान की कटाई के बाद फसल अवशेषों प्रबंधन को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता निवर्तमान सरपंच गुरलाल सिंह ने की। जिसमें मुख्य रूप से सहायक तकनीकी प्रबंधक रवि राणा, विकास पंवार ने पहुंचे। गुरलाल सिंह व रवि राणा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों द्वारा फसल अवशेषों में आग लगाकर बे-रोक-टोक पर्यावरण में जहर घोला जा रहा है।

जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि सांस के रोगियों को भी धुंए के कारण भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। धुएं में आमजन को भी परेशानी होती है। हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से फसल अवशेषों में आग लगाने पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि फसल अवशेषों न जलाने व उसका कस्टम हायरिंग सैंटर के अंतर्गत दिए गए कृषि यंत्रों का फसल अवशेष का किसान प्रबंध करें।

खबरें और भी हैं...