• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Karnal
  • Nising
  • The Construction Work Of Gondar Gullarpur PHC Was Done Only 30 Percent In The Last Three Years, The Second Dead Line Is Also In The Last Stage.

लेटलतीफी:गोंदर-गुल्लरपुर पीएचसी के निर्माण का काम पिछले तीन साल में केवल 30 प्रतिशत हुआ, दूसरी डेड लाइन भी अंतिम पड़ाव में

निसिंग3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
गोंदर गुल्लरपुर रोड पर बन रहा पीएचसी भवन। - Dainik Bhaskar
गोंदर गुल्लरपुर रोड पर बन रहा पीएचसी भवन।
  • ग्रामीण एरिया के लोगों को नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए अभी करना पड़ेगा लंबा इंतजार

पिछले तीन सालों से लोगों को कोरोना आघात पहुंचा रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं लचर होने के कारण लोग जान गवां रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं को ताकतवर बनाने के लिए सरकार पेंडिंग पड़े कामों पर ध्यान नहीं दे रही है। निसिंग ग्रामीण एरिया में गांव गोंदरा व गुल्लरपुर के बीच बन रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निर्माण साल 2019 में शुरू किया गया था। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व संबंधित ठेकेदार ने काम में लेटलतीफी बरती है। जिस कारण 3 साल बीत जाने के बाद भी भवन का निर्माण केवल 30 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।

गांव गोंदर, औंगद, अलीपुर, गुल्लरपुर, रणजीत नगर, डाचर समेत अन्य गांवों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में लेने के लिए अभी और भी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। विभाग इस भवन निर्माण पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। संबंधित ठेकेदार ने पहले टेंडर में साल 2021 में काम को कंप्लीट करने का दावा किया था, लेकिन विभाग व ठेकेदार के दावे खोखले निकले है। इस पीएचसी भवन निर्माण का उद्घाटन तत्कालीन विधायक भगवान दास कबीरपंथी ने 25 जुलाई 2019 को किया था।

फिलहाल भवन की नींव भरकर स्ट्रक्चर खड़ा किया है। केवल कुछ हिस्से पर लेंटर डाला गया है और 50 फिसदी हिस्से पर लेंटर नहीं लगा है। जहां पर लेंटर लगा है उसमें दरारें आ गई है। सरिए बाहर की तरफ उभरे हुए है। और पिछले 2 महीने से लेबर भी काम नहीं कर रही है। जिससे भवन का निर्माण समय पर होना असंभवन ही माना जा रहा है। इस स्थिति को देखकर प्रतीत होता है कि संबंधित ठेकेदार व अधिकारी काम मानो काम को भूल ही गए है।

गर्भवती समेत अन्य मरीजों को होती है परेशानी
गांव गोंदर, गुल्लरपुर, औंगद, अलीपुर, रणजीत नगर, गोंविदगढ़ व डाचर समेत अन्य गावों में मुख्य समस्या गर्भवती महिलाओं को होती है। क्योंकि चेकअप के लिए उन्हें निसिंग सीएचसी में जाना पड़ता है और इन गांवों में से कई गांवों में निसिंग तक पहुंचने के लिए बस की सुविधा भी नहीं है। जिस कारण लोग मजबूरन धक्के खाते हुए निसिंग पहुंचते है। जब गोंदर गुल्लरपुर रोड पर पीएचसी भवन बनने की सौगात लोगों को मिली थी तो लोगों के मन में स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा मिलने का उत्साह मन में उजागर हुआ था, लेकिन ठेकेदार के ढिलाई भरे काम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

पीएचसी भवन में ये मिलेंगी सुविधाएं

  • जनरल वार्ड
  • डिस्पेंसरी
  • ऑपरेशन थियेटर
  • ओपीडी रूम
  • लैबोरोट्री
  • शौचालय
  • कर्मचारियों के रिहायसी क्वाटर
खबरें और भी हैं...