4 खंडों में हुए टैब वितरण कार्यक्रम:सिर्फ फोटो खिंचवाने और सीएम का कार्यक्रम दिखाने पर खर्च दिए 4 लाख

कुरुक्षेत्र16 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
फोटो खिंचवाकर विद्यार्थियों से वापस लिए टैब। - Dainik Bhaskar
फोटो खिंचवाकर विद्यार्थियों से वापस लिए टैब।

10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टैब वितरित करने के लिए समारोह में फोटो खिंचाने और सीएम का कार्यक्रम दिखाने के नाम पर जिले में 4 लाख रुपए का बजट खर्च कर दिया गया। शिक्षा विभाग की ओर से खंड स्तर पर कार्यक्रम के लिए 60 हजार रुपए प्रति खंड और जिला स्तर पर कार्यक्रम के लिए 1.60 लाख रुपए की राशि आई थी। दिलचस्प बात तो यह है कि जिले के 1890 विद्यार्थियों का टैब वितरित करने के लिए चयन किया गया था। लेकिन इनमें से केवल थानेसर खंड के 602 विद्यार्थियों को ही टैब मिल पाया है।

पिहोवा, शाहाबाद, लाडवा और बाबैन खंड में टैब वितरित करने के बाद विद्यार्थियों के साथ फोटो खिंचवाकर उनसे टैब वापस ले लिए गए। विद्यार्थियों से टैब वापस लेने पर तर्क दिया गया कि टैब में सिम एक्टिवेट नहीं हुए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब विद्यार्थियों को टैब वितरित ही नहीं हुए तो उनके लिए टैब वितरण कार्यक्रम आयोजित कर लाखों रुपए की राशि किस आधार पर खर्च की गई।

टैब तो बांट रहे, किताबों का अता-पता नहीं
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य प्रवक्ता सूबे सिंह सुजान ने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों को टैब तो वितरित किए जा रहे हैं लेकिन पहली से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों की किताबों का अप्रैल का पूरा महीना बीतने के बावजूद अब तक अता-पता नहीं है। बिना किताबों के विद्यार्थी कैसे पढ़ाई कर पाएंगे, इस बात का शिक्षा विभाग और सरकार को जवाब देना चाहिए। एक ओर तो सरकार टैब बांटकर शिक्षा की गुणवत्ता के दावे कर रही है वहीं विद्यार्थियों को किताबें न देकर पढ़ाई से वंचित रखा जा रहा है।

अभिभावक बाेले- 134ए वालों को भी देने चाहिए टैब
134ए के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ा रहे अभिभावक गोल्डी आनंद, केशव, अनूप कुमार और सुधीर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को तो टैब देने की घोषणा की गई है लेकिन 134ए के तहत प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को टैब नहीं दिए जा रहे। यह पूरी तरह से गलत है। अभिभावकों ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे 134ए के तहत प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार ही स्कूलों में पढ़ रहे हैं। ऐसे में इन स्कूलों के विद्यार्थियों को भी सरकार को टैब देने चाहिए।

टैब में सिम एक्टिवेट कर दिए जाएंगे टैब : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने बताया कि जिलेभर टैब वितरण समारोह पर खर्च करने के लिए 4 लाख का बजट शिक्षा विभाग ने दिया था। इस बजट को एलईडी, जनरेटर, टेंट, कुर्सियों, स्मृति चिह्न और बच्चों को खाने के पैकेट वितरित करने पर खर्च किया गया है। खंडों में जिन विद्यार्थियों से टैब वापस लिए गए हैं, उन सभी विद्यार्थियों को टैब में सिम एक्टिवेट करके जल्द ही दिए जाएंगे। वहीं राजकीय स्कूलों में पढ़ रहे 10वीं और 12वीं के बाकी विद्यार्थियों को भी जल्द टैब मुहैया कराए जाएंगे।

खबरें और भी हैं...