हरियाणा में 24 घंटे बाद खुला जीटी रोड:सरकार से समझौते के बाद किसानों का धरना खत्म; दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर आवाजाही शुरू

कुरुक्षेत्र4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

हरियाणा में धान की सरकारी खरीद को लेकर किसानों और सरकार में सहमति बन गई है। इसके साथ ही गुरनाम सिंह चढूनी ने 24 घंटे से बंद दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) को खोलने का ऐलान कर दिया है। भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी से मिलने के लिए कुरक्षेत्र के DC शांतनु शर्मा और SP सुरेंद्र सिंह भौरिया शाहबाद पहुंचे थे।

चढूनी ने कहा कि प्रशासन से उनकी मीटिंग हुई है। प्रशासन ने कहा है की जो फसल मंडियों में पड़ी है, उसकी भराई शुरू कर दी जाएगी, लेकिन खरीद का काम 1 अक्टूबर से होगा। 22 की जगह अब 30 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान सरकार द्वारा ली जाएगी।। इससे किसान की धान खराब नहीं होगी और पूरी धान की खरीद हो जाएगी। ऐसे में सरकार और किसानों के बीच सहमति बन गई है। किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 का जाम खोल दिया है।

कुरुक्षेत्र के एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि हमारी किसानों के साथ बात हो गई है और धान की सरकारी खरीद के लिए सरकार ने किसानों की बात मान ली है। जिसके चलते किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 का जाम खोल दिया है। जिला पुलिस वाहनों को निकालने की व्यवस्था बना रही है, ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न ना हो।

अभी हरियाणा बंद पर संशय

शनिवार को 'हरियाणा बंद' करने की अपनी कॉल फिलहाल वापस ले ली। उनकी ओर से दिए गए वीडियो मैसेज में फिलहाल जीटी रोड ही जाम रखने की बात कही गई है। चढ़ूनी ने कहा कि खराब मौसम को देखते हुए हरियाणा में कहीं दूसरी जगह रोड जाम नहीं किए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने किसान नेताओं से अलर्ट रहने की अपील करते हुए कहा कि अगर किसानों को जीटी रोड से उठाने का प्रयास किया जाता है तो तुरंत ही प्रदेश भर में रोड जाम कर दिए जाएंगे।

चढ़ूनी ने हरियाणा सरकार को शनिवार से ही राज्य की मंडियों में धान खरीद शुरू कराने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर किसान आंदोलन तेज करने को मजबूर हो जाएंगे। बता दें कि जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई रूट डायवर्ट कर दिए हैं। यह खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं...

शनिवार सुबह किसानों को संदेश देते भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी।
शनिवार सुबह किसानों को संदेश देते भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी।

गुरनाम सिंह चढूनी ने शनिवार सुबह कहा कि कल से शाहाबाद में जीटी रोड जाम किया हुआ है। उनकी मांग है कि मंडियों में धान की खरीद शुरू की जाए। रात को बहुत ज्यादा बारिश हुई है। किसान इतनी भयंकर बारिश व तूफान में भी जीटी रोड पर जमे हुए हैं। हम इसके लिए सभी किसान साथियों का धन्यवाद करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि मौसम खराब को देखते हुए हमारा हरियाणा वासियों से फिलहाल अनुरोध है कि हरियाणा में सभी रोड बंद करने की जो कॉल कल दी थी, उस पर अभी कुछ न करें। अभी केवल शाहाबाद में ही रोड जाम रहेगा।

खराब मौसम के चलते रोड जाम का ऐलान वापस

पुलिस जीटी रोड जाम किए बैठे किसानों पर एक्शन लेती है तो इसके बाद जो भी संदेश दिया जाए, उस पर तुरंत कार्रवाई करें, लेकिन अगर प्रशासन शाहाबाद में जमे किसानों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करता है, तब तक हरियाणा में रोड जाम नहीं करने हैं। मौसम खराब है ओर ऐसे में जगह जगह टैंट लगाना और धरने देने में समस्या आएगी।

रात को भारी बरसात के बीच किसान शाहाबाद में जीटी रोड पर जमे रहे। रात को ड्रोन से लिया गया आंदोलन स्थल का फोटो।
रात को भारी बरसात के बीच किसान शाहाबाद में जीटी रोड पर जमे रहे। रात को ड्रोन से लिया गया आंदोलन स्थल का फोटो।

शुक्रवार से जीटी रोड पर डटे किसान

बता दें कि किसान धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में शुक्रवार से ही जाम लगाए बैठे थे। बारिश के बीच रात भी किसानों ने जीटी रोड पर ही गुजारी और हाईवे को करीब 20 घंटे जाम किया। प्रशासन के साथ उनकी शुक्रवार शाम तक 6 मीटिंग हुईं, लेकिन तब तक धान की सरकारी खरीद को लेकर कोई भी हल नहीं निकला।

धान खरीद शुरू होने तक जाम नहीं हटाएंगे : चढ़ूनी

गुरनाम सिंह चढूनी ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि जब तक धान कि सरकारी खरीद शुरू नहीं होती तब तक किसान हाईवे को नहीं खोलेंगे। अब चाहे लाठी मारो या फिर जेलों में बंद कर दो, हम पीछे हटने वाले नहीं है। भाकियू ने शनिवार को पूरे हरियाणा को जाम करने का ऐलान किया था। शनिवार सुबह चढूनी ने प्रदेश भर के किसान नेताओं को संदेश भेजा कि अभी वे हरियाणा में सभी रोड जाम न करें। अगला संदेश जल्द दिया जाएगा।

किसान नेता घरों से हटें, पुलिस गिरफ्तारी के प्रयास में : चढूनी

भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि पुलिस ने किसान नेताओं के घरों पर गिरफ़्तार करने के लिए दबिश शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी जो शाहाबाद आंदोलन में नहीं है, वह सभी अपने अपने घर से साइड में हो जाएं। फोन घर पर छोड़ दें। पुलिस ने दबिश देनी शुरू कर दी है।

हरियाणा की मंडियों में धान की आवक जोर पकड़ चुकी है, लेकिन अभी तक सरकारी ख़रीद शुरू नही की है। किसानों को इससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं करनाल जिले की मंडियों में धान की खरीद को लेकर एक अपनी ही तरह का खेल शुरू हो गया है। रात के अंधेरे में राइस मिलों से मिलर सस्ते दामों पर फसल खरीद रहे हैं। यह खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं...

2 दिन पहले शाहाबाद किसान रेस्ट हाउस में भाकियू (चढूनी) राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में मीटिंग कर निर्णय लिया गया था कि सरकार अगर गुरुवार शाम तक धान की ख़रीद शुरू नहीं करती तो शुक्रवार के दिन शाहाबाद के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया जाएगा।

शुक्रवार को 11 बजे हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर ट्राली लेकर शाहबाद में शहीद उधम सिंह चौक पर पहुंचे। हजारों की संख्या में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। वही मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात है। प्रशासन के अधिकारियों की गुरनाम सिंह के साथ मीटिंग भी हुई, लेकिन उसमें कोई भी हल नहीं निकला। उन्होंने निर्णय लिया कि जब तक सरकार धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं करती तब तक वह हाईवे को जाम रखेंगे।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि धान की खरीद ना होने के चलते किसानों को भारी नुकसान हो रहा है क्योंकि किसानों की धान की कई किस्म पक कर खेतों में तैयार है और काफी किसानों की फसल कट भी चुकी है, लेकिन खरीद ना होने के चलते बरसात के कारण उनकी धान की फसल खराब हो रही है और उनको आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है।