निरीक्षण:बरसाती जल भंडारण अरावली की पहाड़ियों को बनाएगा प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र

नारनौल9 दिन पहले
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मूसनौता में नि‍मार्णाधीन बांध को देखते हुए विधायक डॉ. अभय सिंह। - Dainik Bhaskar
मूसनौता में नि‍मार्णाधीन बांध को देखते हुए विधायक डॉ. अभय सिंह।

नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभयसिंह यादव ने कहा कि नांगल चौधरी हलके के पहाड़ी क्षेत्र में जिस तरह से जल भंडारण की स्थाई व्यवस्था की जा रही है वह इस क्षेत्र के भविष्य के लिए एक धरोहर साबित होगी, जो आगे चलकर इस क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सिंचाई विभाग की ओर से नांगल चौधरी हलके में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं का शनिवार सुबह सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों को इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से बड़े पैमाने पर कच्चे बांधों को स्थायित्व प्रदान किया जा रहा है वह एक व्यापक जल प्रबंधन व्यवस्था का हिस्सा है।

जब बरसात के समय पहाड़ी क्षेत्र में अच्छी बारिश होगी उस समय यह सभी बांध लबालब भरे होंगे और प्राय: उनकी टूटने की जो समस्या होती थी उससे छुटकारा मिलेगा। बरसाती पानी का यह भंडारण यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाएगा और अनेक वन्यजीव जंतुओं का यह पहाड़ी क्षेत्र आश्रय स्थल बनेगा। इस मौके पर विधायक ने सबसे पहले दोहान नदी में पहुंचकर बदोपुर नदी तक पानी ले जाने के लिए गत वर्ष किए गए कार्य के विस्तार पर चल रहे काम का अवलोकन किया।

गत वर्ष एक नव प्रयोग करते हुए हमीदपुर बांध में नहर से आने वाले पानी को दोहान नदी में उत्तर से दक्षिण दिशा की तरफ ढाल के विपरीत ले जाकर बदोपुर गांव के पास स्थित पुरानी बजरी की खानों को भरा गया था, परंतु यह कार्य अस्थाई रूप से एक प्रारंभिक प्रयास के तौर पर था। अब उसी कार्य को स्थाई रूप देते हुए बांध से पानी को बदोपुर तक नदी के मार्ग से ले जाने के लिए एक कच्ची नहर बनाई जा रही है जिससे अधिक मात्रा में पानी को बरसात की ऋतु में राजस्थान बॉर्डर तक ले जाया जा सके।

शनिवार प्रात: विधायक ने मौके पर पहुंचकर इसका निरीक्षण किया तथा इस कार्य की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अपने कुछ सुझाव भी अधिकारियों को दिए। इसके बाद मूसनोता पहाड़ पर पहुंचकर वहां चल रहे निर्माणाधीन पक्के बांध के कार्य का भी निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से इसकी अधिकतम मजबूती सुनिश्चित करने के लिए पहाड़ के साथ लगते हुए भाग से कच्ची मिट्टी समेत ढीले पत्थरों को हटाकर वहां तक बांध के विस्तार का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त मूसनोता गांव में ही एक अन्य कच्चे बांध पर चल रहे सुदृढ़ीकरण एवं स्टोन पीचिंग के कार्य का भी निरीक्षण किया।

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