रोष प्रदर्शन:कांटी गांव में कोटा धारक ने बांटा खराब गेहूं डीसी को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग

मंडी अटेली2 महीने पहले
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गांव कांटी में खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से कोटा धारक द्वारा खराब गेहूं दिखाते हुए। - Dainik Bhaskar
गांव कांटी में खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से कोटा धारक द्वारा खराब गेहूं दिखाते हुए।
  • ग्रामीण बोले- गेहूं की गुणवत्ता घटिया स्तर की है और घुण लगे होने के साथ भीगे हुए भी है

गांव कांटी में खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से कोटा धारक द्वारा खराब गेहूं वितरण करने पर मंगलवार को जिला उपायुक्त से ज्ञापन सौंप कर उस कार्यवाही करने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि डिपो होल्डर ने बीपीएल, एपीएल, ओपीएच श्रेणी के लाभ पात्रों को घटिया किस्म का गेहूं बांटा जाने से लोगों में रोष व्याप्त है।

गांव में 400 के करीब संख्या में राशनकार्ड धारकों को राशन मिलता है। लाभपात्र राशन कार्डधारक में प्रति व्यक्ति 5 केजी हर माह गेहूं खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से प्रदान की जाती है। गांव कांटी निवासी राजेश, अजय कुमार, नारायण सिंह, दयाराम, इंद्राज, विष्णु दत्त, मनोज कुमार, प्रकाश आदि ने बताया कि मंगलवार को डिपो धारक द्वारा गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गेहूं का वितरण हुआ।

गेहूं की गुणवत्ता घटिया स्तर की है। गेहूं घुण लगे होने के साथ भीगे हुए है। अगर इनका सेवन किया तो व्यक्ति बीमार हो जाएगा। इन गेहूं को तो पशु-पक्षी भी नहीं खा सकते है। ग्रामीण लाभपात्रों ने बताया कि खराब गेहूंं बांटने पर हम लोगों ने डिपोधारक को अच्छे गेहूं बांटने के निवेदन किया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

गेहूं को पैकिंग 50 केजी की पूरी नहीं होने से गेहूं भी कम मिल रहा है। मजबूरीवश जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपना पड़ा है। गांव के निवर्तमान सरपंच देवी सिंह ने बताया कि देवी सिंह ने बताया कि डिपो धारक को अच्छे किस्म के गेहूं बांटने चाहिए। खराब गेहूं के सेवन से लाभपात्र बीमार हो सकते है।

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