राहगीर ध्यान दें:नारनौल-चंड़ीगढ़ कॉरिडोर पर ट्रैफिक दबाव बढ़ा तो मिट्टी व अवरोधक डालकर किया बंद

मंडी अटेली13 दिन पहले
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  • गूगल नेविगेशन में कम दूरी दिखने के चक्कर में इस रूट पर जाने से बचें

दक्षिण हरियाणा को उत्तरी हरियाणा से जाेड़ने वाला 152डी एक्सप्रेस वे करीब-करीब बनकर तैयार हो गया है। इस कारण मार्ग पर वाहन भी चलने लग गये हैं। इस मार्ग पर अभी किसी प्रकार का टोल आदि नहीं लगने के कारण वाहनों की संख्या काफी बढ़ती जा रही है, जबकि हाईवे का कार्य अभी अंतिम चरण में है। 14 जुलाई, 2020 को नारनौल से इस्माइलाबाद ग्रीन फील्ड का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिलान्यास किया था। एक्सप्रेस-वे पर दोनों ओर हरियाली हाेने व एकदम सीधा मार्ग होने के कारण इसे ग्रीन फील्ड काॅरिडोर नाम दिया गया है, जिसके लिए डेढ़ लाख पेड़ एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ लगाए जाएंगे।

गूगल मैप पर यह निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे दिखने लगा है तथा गूगल नेविगेशन में एक्सप्रेस वे पर पड़ने वाले शहरों की दूरी और सफर का समय भी दर्शाया जाने लगा है। चूंकि यह अन्य रूटों की तुलना में शॉर्टकट है, इसलिए यहां वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन एक्सप्रेस वे अथॉरिटी ने शनिवार तड़के मार्ग में बेरिकेड्स के साथ मिट्टी डालकर पूरी तरह से बंद कर दिया है। बिना किसी सूचना के अचानक अवरोधक डालकर बंद करने के कारण इस मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। हरियाणा के बिल्कुल बीचोंबीच से गुजरने वाले जिले एवं प्रदेश के इस पहले ग्रीन फील्ड काॅरिडोर ने नारनौल से हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की दूरी 500 किलोमीटर से घटकर 420 किलोमीटर व समय 11 घंटे से साढ़े आठ घंटे हो जाएगा। कुंडली मानेसर एक्सप्रेस वे की तरह ही इस एक्सप्रेस वे पर कोई भी वाहन बिना वैध अनुमति के नहीं आ सकेगा, सारा एक्सप्रेस वे दोनों तरफ मेटल शीट बाउंड्री से बंद रहेगा। दोनों ओर तीन-तीन ड्राइविंग लेन बनाई गई है, जिसमें गतिसीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रखी जाएगी। एक्सप्रेस वे पर चलने वाले वाहनों एवं यात्रियों की सुविधा के लिए बीच में रेस्ट एवं सर्विस एरिया बनाए गए हैं।

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