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निकिता तोमर हत्याकांड:निकिता के कॉलेज के दो शिक्षकों समेत 4 की हुई गवाही, कागजात किए गए पेश

फरीदाबाद4 महीने पहले
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बल्लभगढ़ की बी-कॉम फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर की फाइल फोटो, जिसकी इकतरफा प्यार के चक्कर में अपहरण करने आए युवक ने कत्ल कर दिया था। - Dainik Bhaskar
बल्लभगढ़ की बी-कॉम फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर की फाइल फोटो, जिसकी इकतरफा प्यार के चक्कर में अपहरण करने आए युवक ने कत्ल कर दिया था।
  • हरियाणा के बल्लभगढ़ में 26 अक्टूबर को की गई थी B.Com फाइनल ईयर की छात्रा निकिता की हत्या
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट में अब तक दर्जनभर लोगों की गवाही हो चुकी, अगली सुनवाई 14 और 15 दिसंबर तय

फरीदाबाद के चर्चित निकिता तोमर हत्याकांड की चल रही सुनवाई में बुधवार को कॉलेज के दो शिक्षकों और दो पुलिसकर्मियों की भी गवाही हुई। फास्ट ट्रैक कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की कोर्ट में केस की अगली सुनवाई अब 14 और 15 दिसंबर को होगी। इससे पहले सोमवार को निकिता के पिता मूलचंद तोमर, निकिता को अस्पताल ले जाने वाले आकाश भाटिया और राजेश सैनी की गवाही हुई थी, वहीं कोर्ट ने CCTV फुटेज भी देखी थी। अब तक दर्जनभर लोगों की गवाही पूरी हो चुकी है।

पीड़ित पक्ष के वकील एवं निकिता के मामा एडवोकेट एदल सिंह रावत ने बताया कि बुधवार को अग्रवाल कॉलेज के शिक्षक डॉ. अजीत सिंह और प्रोफेसर रविंद्र जैन कोर्ट में पेश हुए और गवाही दी। इसके अलावा इस हत्याकांड की स्पेशल रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने वाले पुलिसकर्मी रकमुदीन और 2018 के अपहरण कांड में जांच करने वाले पुलिसकर्मी नरेंद्र सिंह ने भी गवाही दी।

ये है हत्या का पूरा मामला

हरियाणा के बल्लभगढ़ में परिवार के साथ रह रही उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी निकिता तोमर अग्रवाल कॉलेज में B.Com फाइनल ईयर की छात्रा थी। 26 अक्टूबर को शाम करीब पौने 4 बजे जब वह परीक्षा देकर कॉलेज के बाहर निकली तो सोहना निवासी तौसीफ और रेहान ने कार में अगवा करने की कोशिश की। विरोध करने पर तौसीफ ने निकिता को गोली मार दी थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। दिनदहाड़े हुई यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए तौसीफ और रेहान को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

6 नवंबर को पुलिस ने फाइल की चार्जशीट
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच SIT को सौंप दी। एसआईटी की टीम ने पांच घंटे के अंदर मुख्य हत्यारोपी तौसीफ को सोहना से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथी रेहान और हथियार उपलब्ध कराने वाले अजरू को भी पुलिस ने पकड़ा। तमाम साक्ष्यों और सबूतों को एकत्र करके महज 11 दिन में ही 600 पेज की चार्जशीट तैयार करके छह नवंबर को कोर्ट में दाखिल कर दी। चार्जशीट में निकिता की सहेली समेत कुल 60 गवाह बनाए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि सरकार के आदेश पर पुलिस कमिश्नर ने इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के लिए कोर्ट से गुजारिश की थी।

गवाह बोला-मेरी आंखों के सामने कत्ल के बाद फेंका था तमंचा
पीड़ित पक्ष के वकील की भूमिका में खुद निकिता के मामा एदल सिंह रावत के मुताबिक निकिता को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाने वाले आकाश भाटिया ने सोमवार को कोर्ट को बताया कि उसने तौसीफ और रेहान को निकिता की हत्या करके तमंचा फेंकते हुए देखा था। उसकी आंखों के सामने ही इन दोनों ने हत्या की थी। उधर, दूसरे गवाह राजेश सैनी ने कोर्ट को CCTV फुटेज और हार्ड डिस्क उपलब्ध कराई। कोर्ट ने घटना की CCTV फुटेज भी देखी। इस दौरान दोनों आरोपी कोर्ट में सिर नीचे किए खड़े रहे।

पिता बोले, राजनैतिक दबाव में किया था समझौता
कोर्ट में गवाही के दौरान निकिता के पिता मूलचंद तोमर ने कोर्ट को बताया कि वर्स 2018 में भी आरोपी तौसीफ ने उनकी बेटी को अगवा किया था। पुलिस को सूचना देने के बाद दो घंटे में पुलिस ने निकिता को तौसीफ के घर से बरामद कर लिया था। तोमर ने कहा कि तौसीफ का परिवार राजनैतिक रसूख रखता है। इसके कारण दबाव बनाकर समझौता करने को मजबूर किया था। इसी का परिणाम है कि आज उनकी बेटी जिंदा नहीं है। ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

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