• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • 5 Places That Have Become The Identity Of The Garden Are Now Completely New In Color, 6 To 8 Lakh Tourists Used To Visit Every Year, Closed For 13 Months.

जलियांवाला कांड के 102 साल पूरे:बाग की पहचान बन चुकी 5 जगहें अब बिल्कुल नए रंग-रूप में, हर साल 6 से 8 लाख सैलानी देखने आते थे, 13 माह से बंद

हरियाणा8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
शहीदी कुएं के चारों तरफ नानकशाही ईंटों की 12 फीट ऊंची गोलाकार दीवार बनाकर उसमें बड़े-बड़े शीशे लगाए गए हैं। इन शीशों से कुएं में गहरे तक देख सकेंगे। रात में यह कुंआ रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा। - Dainik Bhaskar
शहीदी कुएं के चारों तरफ नानकशाही ईंटों की 12 फीट ऊंची गोलाकार दीवार बनाकर उसमें बड़े-बड़े शीशे लगाए गए हैं। इन शीशों से कुएं में गहरे तक देख सकेंगे। रात में यह कुंआ रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा।
  • रेनोवेशन पूरी मगर उद्घाटन नहीं, शहीदों के वंशज बाग बंद रखे जाने से खफा

आज यानी 13 अप्रैल को जलियांवाला कांड के 102 साल पूरे हो गए हैं। अमृतसर के इसी बाग में 13 अप्रैल 1919 को ब्रिटिश जनरल डायर ने आजादी के सैकड़ों परवानों को शहीद कर दिया था।

उस घटना ने आजादी की लड़ाई को निर्णायक मोड़ दिया और बाद में शहीद ऊधम सिंह ने सात समुंदर पार पहुंचकर डायर को मारकर इस बर्बर कांड का बदला लिया। शहीदों के खून से सींची गई इस पावन धरा को हर साल देश-विदेश के 6 से 8 लाख सैलानी देखने आते हैं। यहां से जाने वाले हर शख्स के जेहन में जलियांवाला बाग की एक तस्वीर रहती है।

जलियांवाला कांड के 100 साल पूरे होने पर, 13 अप्रैल 2019 को केंद्र सरकार ने 20 करोड़ रुपए से बाग की रेनोवेशन शुरू करवाई थी जो पूरी हो चुकी है। इस रेनोवेशन के बाद बाग के अंदर कई चीजों की पूरी लुक बदल गई है। देखिए दुनियाभर में जलियांवाला बाग की पहचान बन चुके 5 स्थल

अब कैसे दिखेंगे :-

पहले रेनोवेशन और फिर कोरोना के चलते बाग 13 माह से बंद है। अब फिर उद्घाटन टल गया है। बाग खोलने में देरी से शहीदों के वंशज व अमृतसर के आम लोग खफा हैं।

शहीदी लाट पानी के टैंक के बीच खड़ी नजर आएगी। आसपास कमल और कुमुदनी के फूल दिखेंगे। रोज शाम को यहां लाइट एंड साउंड शो के जरिए 13 अप्रैल 1919 का पूरा घटनाक्रम दिखाया जाएगा।कंटेंट : शिवराज द्रुपद, फोटो : हरविंदर संधू।
शहीदी लाट पानी के टैंक के बीच खड़ी नजर आएगी। आसपास कमल और कुमुदनी के फूल दिखेंगे। रोज शाम को यहां लाइट एंड साउंड शो के जरिए 13 अप्रैल 1919 का पूरा घटनाक्रम दिखाया जाएगा।कंटेंट : शिवराज द्रुपद, फोटो : हरविंदर संधू।
खबरें और भी हैं...