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  • Accuracy Of Antigen Test Only 50%, Emphasis On This In Villages; 3364 Patients Were Found In 1.07 Lakh Tests In 15 Days

प्रदेश के गांवों में स्क्रीनिंग का सच:एंटीजन टेस्ट की एक्यूरेसी सिर्फ 50%, गांवों में इसी पर जोर; 15 दिन में 1.07 लाख टेस्ट में 3364 मरीज मिले

राजधानी हरियाणा18 दिन पहलेलेखक: मनोज कुमार
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विशेषज्ञों के अनुसार एंटीजन की एक्यूरेसी महज 50% है। - Dainik Bhaskar
विशेषज्ञों के अनुसार एंटीजन की एक्यूरेसी महज 50% है।
  • भास्कर सवाल: प्रदेश में कोरोना से 36% मौतें ग्रामीण इलाकों में हुईं, तो गांवों में आरटीपीसीआर टेस्ट क्यों नहीं बढ़ रहे?

गांवों में कोरोना संक्रमण नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार 15 मई से डोर टू डोर स्क्रीनिंग कर रही है। इस दौरान संदिग्धों की जांच के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट पर ही अधिक फोकस है। विशेषज्ञों के अनुसार एंटीजन की एक्यूरेसी महज 50% है।

यानी, इसमें संक्रमित की रिपोर्ट निगेटिव आने की संभावना बहुत ज्यादा है। जिलों से एकत्रित डेटा में यह अंतर साफ दिखा। 28 मई तक के डेटा के अनुसार एक लाख 8 हजार 66 एंटीजन टेस्ट में 6585 लोग संक्रमित मिले थे, जबकि एक लाख 5 हजार 111 आरटी-पीसीआर टेस्ट में 11,385 पॉजिटिव मिले।

यानी पॉजिटिविटी रेट एंटीजन में 6.09%, जबकि आरटी-पीसीआर में 10.83% रहा। इससे साफ है कि सही स्थिति का पता लगाने के लिए आरटी-पीसीआर की संख्या बढ़ाना भी जरूरी है। यह स्थिति तब है जब ग्रामीण इलाकों में मौतें बढ़ रही थीं। कोरोना से हुईं मौतों में 36% गांवों में ही हुईं।

महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, सोनीपत, नूंह, कैथल, झज्जर, फतेहाबाद और भिवानी में तो शहरों से ज्यादा गांवों में मौतें हुईं। चरखी दादरी में 75.53 तो महेंद्रगढ़ में 72.89 प्रतिशत मौतें गांवों में हुई है। यहां शहरी आबादी कम है।

आरटी-पीसीआर के आंकड़े नहीं बता रहे

स्वास्थ्य विभाग ने मीडिया बुलेटिन में बताया कि अब तब 1,46,78,557 लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। विभाग के अनुसार एक लाख 7 हजार 464 एंटीजन टेस्ट में 3364 पॉजिटिव मिले। सरकारी आंकड़ों के अनुसार एंटीजन में 3.33% पॉजिटिविटी रेट रहा। सरकारी डेटा में ग्रामीण इलाकों में आरटी-पीसीआर टेस्ट होने का कोई जिक्र नहीं है।

1825 आइसोलेशन सेंटरों में सिर्फ 2 मरीज

गांवों में बने आइसोलेशन सेंटर में अब सिर्फ दो मरीज भर्ती बताए गए हैं। सभी सेंटर खाली हो गए हैं। यह दो मरीज झज्जर में भर्ती हैं। गांवों में 1825 अाइसोलेशन सेंटर में 20, 622 बेड का दावा विभाग ने किया है। 2 दिन पहले इन सेंटरों में 28 मरीज भर्ती थे।

जानिए- कुल मौतों के विश्लेषण में गांवों और शहरों का प्रतिशत

एक्सपर्ट व्यू
डॉ अरविंद कुमार, चेस्ट सर्जन, मेदांता अस्पताल

निगेटिव एंटीजन रिपोर्ट पर संक्रमण मुक्त न मानें, लक्षण हैं तो आरटी-पीसीआर करवाएं

एंटीजन की एक्यूरेसी 50 प्रतिशत है। इसलिए एंटीजन में निगेटिव आने के बाद व्यक्ति को यह नहीं मानना चाहिए कि वह कोरोना संक्रमित नहीं है। लक्षण हैं तो खुद को आइसोलेट कर, आरटी-पीसीआर जांच जरूर कराएं।

काेरोना लक्षण वाला मरीज एंटीजन टेस्ट के बाद खुद को निगेटिव मानकर घूमता रहेगा तो वह औरों को भी संक्रमित कर सकता है। यह ठीक है कि गांवों में इतने बड़े स्तर पर आरटी-पीसीआर टेस्ट नहीं हो सकते। परंतु यदि मरीज में लक्षण हैं और एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव है तो उसकी आरटी-पीसीआर जांच भी होनी चाहिए।

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