हरियाणा में क्वालिटी ऑफ एजुकेशन पर जोर:विश्चविद्यालयों में गरीब परिवारों के बच्चों का भुगतान करेगी सरकार

चंडीगढ़14 दिन पहले
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सीएम ने विश्वविद्यालयों के कुलपति को सम्मानित किया। - Dainik Bhaskar
सीएम ने विश्वविद्यालयों के कुलपति को सम्मानित किया।

हरियाणा निवास में चल रहे प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (VC) के सम्मेलन में शनिवार को सीएम मनोहर लाल ने शिरकत की। सम्मेलन में शिक्षा नीति, स्वरोजगार और प्रबंधन के विषयों पर चर्चा हुई। सत्र में हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बीके कुठियाला, तकनीकि शिक्षा के प्रिंसिपल आनंद मोहन शरण और सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉक्टर अमित अग्रवाल भी उपस्थित रहे। मीटिंग में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के वीसी ने भाग लिया।

सीएम ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में केजी से पीजी तक की शिक्षा शुरू की जाएं ताकि बच्चों को एक ही स्थान पर गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध हो सके। सीएम ने कहा कि परिवार पहचान पत्र में जिन परिवारों की सत्यापित आय 1.80 लाख रुपए से कम है, उन परिवारों के बच्चों को विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करवाने के लिए नई योजना लाई जाएगी। इस योजना के तहत गरीब परिवारों के बच्चों की फीस का भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा ताकि विश्वविद्यालयों पर आर्थिक बोझ न बढे़ और गरीब बच्चों को उच्च स्तर तक की शिक्षा भी उपलब्ध हो सके। उन्होंने एलएलबी, इंजीनियरिंग आदि पाठ्यक्रमों में हिन्दी को बढ़ावा देने और अमृत सरोवर योजना के तहत इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को सरकारी विभागों के साथ जोड़ने के भी निर्देश दिए।
विश्वविद्यालयों को स्वावलम्बी बनाया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने पर बल दिया जाए ताकि उन्हें सरकार की ग्रांट पर निर्भर न रहना पड़े। इसके लिए सरकार द्वारा बाहर से करवाए जाने वाले कार्य विश्वविद्यालयों को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कंसलटेंट, सर्वे आदि कार्य के लिए सरकार बाहर से एजेंसियां हायर करती है। भविष्य में ऐसे कार्य विश्वविद्यालयों को दिए जाएंगे। इससे विश्वविद्यालय की आय में इजाफा होगा और वे आर्थिक रूप में सशक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य पहले भी विश्वविद्यालयों को दिए गए हैं और वे आर्थिक रूप से सक्षम बने हैं।
एक ही स्थान पर केजी से पीजी तक शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश की एमडीयू रोहतक, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, महिला विश्वविद्यालय खानपुर सहित चार विश्वविद्यालयों ने केजी से पीजी तक की शिक्षा एक ही स्थान पर मुहैया करवाना शुरू कर दिया है। प्रदेश की शेष यूनिवर्सिटी भी केजी से पीजी तक की शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए तेजी से कार्य करें ताकि प्रदेश के हर युवा को एक ही स्थान पर उच्चतर तक की शिक्षा आसानी से मिल सके।दीक्षांत समारोह में अंग्रेजों से समय से चली आ रही पुरानी प्रथा के ड्रेस कोड में भी बदलाव किया जाए।

कोविड के बाद शिक्षा की स्थिति पर चर्चा

हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बीएस कुठियाला ने बताया कि रोजगार की योजनाओं पर प्रगति, उच्च शिक्षा में मानव मूल्यों और वैल्यू एजुकेशन के समावेश पर चर्चा हुई। सम्मेलन में पांच सत्र संपन्न होंगे। जिसमें कुलपति आपस में बात करेंगे, एक दूसरे से विश्वविद्यालयों की योजनाएं सांझा करेगी। प्रोफेसर पंकज मित्तल राष्ट्रीय शिक्षा नीति और कोविड के बाद इको सिस्टम पर नई शिक्षा नीति के पर चर्चा की। कोविड के बाद राज्यों में शिक्षा की स्थिति पर यूजीसी और एआईटी ने इस विषयों पर काम किए है, उसकी जानकारी दी जाएगी।