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नियम-134-ए:तीसरी तारीख तक भी 30 हजार से ज्यादा गरीब बच्चों को दाखिला नहीं दिला पाई सरकार, एक बार फिर तारीख बढ़ाने की औपचारिकता आज

राजधानी हरियाणा19 दिन पहले
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  • प्रदेशभर में 41,680 पात्र बच्चों में से अभी तक 11,322 को ही मिला दाखिला, मंत्री बोले- स्कूलों की ओर से किए गए क्लेम का एक पैसा भी बकाया नहीं
  • सरकार का दावा- अधिकारी प्रयास कर रहे हैं, स्कूल नहीं माने तो कार्रवाई होगी, स्कूल संचालक बोले- 600 करोड़ रुपए बकाया, पैसा नहीं तो दाखिला भी नहीं

प्रदेश में नियम-134-ए के तहत गरीब परिवारों के 30 हजार बच्चों को दाखिले की एक और तारीख मिल सकती है। क्योंकि दाखिला के लिए दी गई तीसरी अंतिम तारीख भी शुक्रवार को समाप्त हो जाएगी। परंतु अभी तक 41680 बच्चों में 11322 को ही मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में उक्त प्रावधान के अनुसार दाखिला मिला है। फिलहाल कोरोना संक्रमण और शीतकालीन अवकाश की वजह से स्कूल बंद है।

बड़ी बात यह है कि सरकार ने अब तक का बकाया क्लेम की स्वीकृति दे दी है। साथ ही शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने खुद कहा है कि फिलहाल स्कूलों का कुछ भी बकाया नहीं है। क्योंकि अभी कोई क्लेम पेंडिंग नहीं है। यदि स्कूल अपना बकाया बता रहे हैं तो शिक्षा विभाग ने इसके लिए गुरुवार से ही पोर्टल पर दोबारा आवेदन मांगे हैं।

स्कूल संचालक जो भी उनका पुराना भी बकाया है, वह क्लेम करे। सरकार एक-एक पैसे का भुगतान करेगी। लेकिन दूसरी तरफ स्कूल संचालक अभी बच्चों को दाखिला देने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि पहले सरकार नियमानुसार पुराना बकाया चुकाए, उसके बाद ही दाखिला देंगे। इधर, शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों के आय प्रमाण पत्रों की जांच भी कराई जा रही है। जिन बच्चों के परिवारों के आय प्रमाण पत्र गलत हैं, उन्हें स्कूलों में प्रावधानों के अनुसार प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

आज एडीसी और जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ मंथन

बच्चों के दाखिले को लेकर तीसरी तारीख के आखिर दिन शुक्रवार को निदेशालय की ओर से पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी। इसे लेकर प्रदेश के सभी एडीसी, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के साथ वीडियो कान्फ्रेंस होगी। जिसमें बच्चों के दाखिले को लेकर मंथन के साथ विभाग अगली रणनीति पर चर्चा करेगा।

सूत्रों का कहना है कि सरकार अपनी सभी प्रक्रिया अपनाने के बाद स्कूलों पर एक्शन भी ले सकती है। शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि 2020-21 के बच्चों की प्रतिपूर्ति मौलिक शिक्षा, निदेशालय की ओर से पिछले 24 सितंबर से 20 अक्टूबर तक मान्य प्राप्त स्कूलों से क्लेम मांगे गए थे। उसमें 1404 स्कूलों ने बच्चों को पढ़ने के लिए क्लेम किया था। सरकार ने इनके 13.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी है।

स्कूल एसोसिएशन पूरा पैसा नहीं मिलने तक दाखिला न देने पर अड़ी
फैडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा का कहना है कि सरकार जब तक पैसा नहीं देगी, बच्चों को दाखिला नहीं दिया जाएगा। हमारा 2015-16 तक का 600 करोड़ रुपए बकाया है। सरकार ने पोर्टल खोला है, लेकिन कई बार तकनीकी वजह से कोई आवेदन नहीं कर पाए तो क्या होगा। सरकार को ऑफ लाइन जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों के जरिए आवेदन ले। विभाग खुद ऑन लाइन दर्ज करे। हमारा पैसा हमारा हक है।

सीधी बात - कंवरपाल गुर्जर, शिक्षा मंत्री

पोर्टल दोबारा खोला, बकाया है तो आवेदन करें

शुक्रवार दाखिले का आखिर दिन है। फिर भी स्कूल मानने को तैयार नहीं है। क्या करेंगे?
- अब तक 11 हजार से ज्यादा बच्चों के दाखिले हो चुके हैं। स्कूलों से बकाया के लिए आवेदन मांगे गए हैं। बच्चों का दाखिला कराया जाएगा। एक बार और तारीख बढ़ाएंगे।
स्कूल संचालक कह रहे हैं कि 600 करोड़ बकाया है। सरकार पुराना बकाया देगी तभी बच्चों को दाखिला देंगे।
- जितना स्कूल संचालन बता रहे हैं, उतना पैसा नहीं है। आज की तारीख क्लेम किया एक पैसा बाकी नहीं है। जब क्लेम नहीं करेंगे तो पैसा कैसे देंगे। दोबारा पोर्टल खोला है। यदि पुराना क्लेम करेंगे तो नियमानुसार भुगतान करेंगे। पिछले साल का 26 हजार बच्चों का क्लेम आया था।
स्कूल संचालक कह रहे हैं कि जब तक पूरा पैसा नहीं मिलता तब तक बच्चों को दाखिला नहीं देंगे। फिर बच्चों का एडमिशन कैसे कराएंगे।
- अभी अधिकारी प्रयास कर रहे हैं। यदि फिर भी दाखिला नहीं देते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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