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  • Farmer Leaders Engaged In Increasing The Numbers On The Singhu Border In Harsh Conditions, The Dharna Of Tikri And Kheda Border Was Reduced To Only 200 Farmers.

किसान आंदोलन:तल्ख हालात में सिंघु बॉर्डर पर तादाद बढ़ाने में जुटे किसान नेता, टिकरी और खेड़ा बॉर्डर का धरना मात्र 200 किसानों तक सिमटा

सोनीपत/बहादुरगढ़/रेवाड़ी2 दिन पहले
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  • प्रदेश के तीनों बॉर्डर से भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट, 28 को पूरे हो रहे 8 महीने, संसद कूच के आह्वान से प्रशासन अलर्ट

26 जुलाई को 8 माह पूरे कर रहे किसान आंदोलन में माहौल फिर बदल रहा है। संयुक्त मोर्चा के संसद कूच के आह्वान और किसानों पर अलग-अलग जगह दर्ज मामलों से तल्खी बढ़ रही है। इससे किसानों के तेवर भी तीखे हो रहे हैं। सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता भीड़ जुटाने के प्रयास में लगे हैं, जबकि टिकरी और खेड़ा बॉर्डर के धरने पर करीब 200 लोग ही नजर आ रहे हैं। पहले टिकरी में दो से तीन हजार के करीब किसान दिखते थे।

दूसरी ओर रेवाड़ी के खेड़ा बाॅर्डर पर पहले करीब 100 किसान रहते थे, जिनकी संख्या संसद कूच के आह्वान के बाद बढ़कर 200 के करीब हो गई है। अब बॉर्डरों पर 10 से 15 दिन ठहरने की जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। मंच से लगातार संख्या बढ़ाने व एकजुट रहने के आह्वान हो रहे हैं। कुंडली में आंदोलन स्थल का दायरा तो पहले की तरह 10 किलोमीटर का है, लेकिन धान सीजन के चलते झोपड़ियों व तंबुओं में तादाद कम हुई है।

अपना हक लेकर ही लौटने की बात करते हैं...

कुंडली में धरने पर शांत बैठे किसानों का स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया है। अपना हक लेकर ही वापस लौटने की बात करते हैं। सर्दी-गर्मी के बाद अब बारिश से जूझ रहे किसानों की झोपड़ी व तंबू टपकते हैं। कहीं पानी घुस रहा है। खाली प्लॉट में भरे पानी से पनपे मच्छर सताने लगे हैं। गीले बिस्तर को धूप निकलने पर बाहर सुखाते हैं। संसद घेराव के आह्वान को देखते हुए सिंघु बॉर्डर पर किसान बढ़ने लगे हैं। अमृतसर के गुरनाम सिंह ने बताया कि 5 जुलाई को वे आए थे। अब दूसरे किसानों का जत्था आ गया है। वे वापसी करेंगे। वहीं, सुरक्षा कर्मी दिन-रात अलर्ट रहते हैं।

खेड़ा बॉर्डर: गाड़ी को राॅन्ग साइड से ले जाने लगे तो कुर्सी लगा बीच में बैठ गए किसान

रेवाड़ी में दिल्ली-जयपुर हाईवे के खेड़ा-शाहजहांपुर बॉर्डर पर धरनारत किसान समर्थन जुटाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं। दक्षिण हरियाणा से ज्यादा मदद नहीं मिली है। एनएच-48 के बंद होने से लंबा जाम लग रहा है, मगर किसानों का हाईवे पर डटे रहना ही मकसद है। बुधवार को कुछ चालकों ने रॉन्ग साइड लेकर वाहनों को दिल्ली की तरफ निकालने का प्रयास किया तो 8-10 प्रदर्शनकारी रोड के बीच में बैठ गए।

टिकरी: पंजाब से नए जत्थे बुलाने का संदेश

बहादुरगढ़ स्थित टिकरी बॉर्डर पर अब पंजाब की तरफ से आ रहे किसानों के साथ स्थानीय किसानों की संख्या भी कम हो रही है। इसलिए पंजाब से अधिक संख्या में पहुंचने को कहा जा रहा है। उन किसानों को भी सभा स्थल पर आने को कहा जा रहा है, जो झोपड़ियों में रहते हैं। वहीं, कुछ किसानों का कहना था कुंडली में स्थानीय लोगों के प्रदर्शन को देखते हुए वहां गए हैं। अब टिकरी बाॅर्डर पर पहले जैसे हालात नहीं है। पहले कोई वाहन सेक्टर-9 से आगे नहीं जा सकता था, पर अब पंडाल तक पहुंच जाता है।

सिरसा में आमरण अनशन- 5 किसानों को रिहा करने की मांग, हाईवे पर तीन जगह 2 घंटे लगाया जाम

सिरसा, डिप्टी स्पीकर पर हमले के मामले में जेल में बंद 5 किसानों की रिहाई की मांग पर किसानों ने बुधवार को 3 जगहों पर 2 घंटे जाम लगाया। सुबह 9 बजे किसानों ने हरियाणा को पंजाब से जोड़ने वाले सिरसा- डबवाली नेशनल हाईवे को गांव पंजुआना, डबवाली में खुइयां मलकाना टोल व सिरसा के निकट भावदीन टोल प्लाजा पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर जाम कर दिया। संयुक्त मोर्चा के नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि 23 जुलाई को 2 घंटे के लिए सिरसा के बाजार बंद रखे जाएंगे। 24 को डिप्टी स्पीकर के हिसार स्थित आवास का घेराव किया जाएगा। वहीं, आमरण अनशन भी जारी रहा।

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