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रिश्वत मामले में तहसील कल्याण अधिकारी को कैद:अंतरजातीय विवाह पर मिलने वाली अनुदान रा‌शि देने के बदले मांगी थी रिश्वत, विजिलेंस ने रंगे हाथों पकड़ा था

हिसार8 दिन पहले
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दोषी ने आधी राशि का भुगतान करने के बदले मांगी थी रिश्वत। - प्रतीकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
दोषी ने आधी राशि का भुगतान करने के बदले मांगी थी रिश्वत। - प्रतीकात्मक तस्वीर

अंतरजातीय विवाह पर मिलने वाली अनुदान रा‌शि की अदायगी पर रिश्वत मांगने के मामले में तहसील समाज कल्याण अधिकारी राजकुमार को कोर्ट ने 4 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार का जुर्माना लगाया गया है, जिसका उसने भुगतान कर दिया।

एडीजे वेदप्रकाश सिरोही की कोर्ट ने राजकुमार को 22 जुलाई को दोषी करार दिया था। मामले में 30 मार्च 2017 को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत में कैमरी निवासी ओमप्रकाश ने बताया 19 मार्च 2016 को उसने कैमरी की रहने वाली मंदीप से अंतरजातीय विवाह किया था।

अंतरजातीय विवाह करने पर सरकार 1 लाख 10 हजार रुपए अनुदान राशि देती है। जिसके लिए उसने तहसील समाज कल्याण विभाग में आवेदन किया था। 19 मार्च 2017 को उसके खाते में 51 हजार रुपए आ गए, लेकिन बाकी के 50 हजार के लिए तहसील कल्याण अधिकारी राजकुमार उससे 10 हजार रुपए रिश्वत मांगी।

ओमप्रकाश ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। जिसके तहत राजकुमार को 5 हजार की रिश्वत लेते हुए मौके पर दबोच लिया गया था।

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