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हरियाणा सरकार के रवैये पर नाराजगी:निकिता तोमर के घर वालों ने CM और केंद्रीय राज्य मंत्री के सामने रखी 4 मांगें, न्याय के लिए 30 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठेंगे

फरीदाबाद2 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश के हापुड़ मूल की B-Com की छात्रा निकिता तोमर की फाइल फोटो, जिसका करीब 3 महीने पहले फरीदाबाद में मर्डर कर दिया गया था। - Dainik Bhaskar
उत्तर प्रदेश के हापुड़ मूल की B-Com की छात्रा निकिता तोमर की फाइल फोटो, जिसका करीब 3 महीने पहले फरीदाबाद में मर्डर कर दिया गया था।
  • बल्लभगढ़ में 26 अक्टूबर 2020 कोकी गई थी उत्तर प्रदेश के हापुड़ मूल की B.Com स्टूडेंट निकिता की हत्या
  • परिजनों का कहना-अब सरकार के दरवाजे पर नहीं जाएंगे, बल्कि समाज के साथ मिलकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे

फरीदाबाद के बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। निकिता के घर वालों ने सरकार के रवैये पर आपत्ति जताई है। तीन महीने तक धोखा देने का आरोप लगाते हुए ऐलान कर दिया है कि 30 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठेंगे। इससे पहले सोमवार को उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से तो मंगलवार सुबह केंद्र राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मुलाकात की। उनके सामने चार मांगें रखी हैं। इनके पूरा नहीं होने की स्थिति में अनशन की चेतावनी दी है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलकर अपनी मांगें रखने के लिए दिल्ली पहुंचे निकिता तोमर के परिजन और रिश्तेदार।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलकर अपनी मांगें रखने के लिए दिल्ली पहुंचे निकिता तोमर के परिजन और रिश्तेदार।

हत्याकांड से जुड़े अब तक के बड़े अपडेट्स

  • हरियाणा के बल्लभगढ़ में 26 अक्टूबर 2020 को उत्तर प्रदेश के हापुड़ मूल की B.Com फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर की हत्या कर दी गई थी।
  • वारदात को शाम करीब पौने 4 बजे अग्रवाल कॉलेज के बाहर उस वक्त अंजाम दिया गया था, जब वह पेपर देकर निकली थी और अपने भााई का इंतजार कर रही थी।
  • सोहना निवासी तौसीफ ने अपने एक दोस्त रेहान के साथ मिलकर निकिता को कार में अगवा करने की कोशिश की। विरोध में तौसीफ ने निकिता को गोली मार दी। कुछ देर बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
  • कार्रवाई की मांग के लिए 27 अक्टूबर को दिल्ली-मथुरा हाईवे पर परिजनों और सैकड़ों अन्य लोगों ने प्रदर्शन किया। उस दौरान हुई तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने 37 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
  • सरकार ने इस केस की जांच SIT को सौंप दी तो टीम ने 5 घंटे में मुख्य आरोपी तौसीफ और फिर उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया था। हथियार उपलब्ध कराने के मामले में अजरूदीन को भी पकड़ा गया है।
  • SIT ने महज 11 दिन में ही तमाम सबूत जमा करके 6 नवंबर को 600 पेज की चार्जशीट पेश की। इसमें निकिता की सहेली समेत कुल 60 गवाह बनाए गए हैं।
  • फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर OP सिंह की गुजारिश पर इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो रही है।
  • सरकार के आदेश पर इस हत्याकांड के साथ 2018 में निकिता के अपहरण के मामले को भी दोबारा खोला गया है। मुख्य आरेपी तौसीफ के पिता जाकिर हुसैन मां असमीना को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली हुई है।
मंगलवार को केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से भी मिलकर अपनी मांगों से अवगत कराया पीड़ित परिवार ने।
मंगलवार को केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से भी मिलकर अपनी मांगों से अवगत कराया पीड़ित परिवार ने।

इन 4 बातों पर है निकिता के परिजनों को नाराजगी

  1. निकिता के पिता मूलचंद तोमर और मामा हुक्म सिंह रावत ने कहा कि सरकार ने परिवार के साथ धोखा किया है। 3 महीने में दोषियों को सजा का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 3 महीने पूरे होने के बाद अभी न्याय की आस अधूरी है।
  2. इसी के चलते सोमवार शाम को दिल्ली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले। वहां संतुष्टीजनक जवाब नहीं मिलने पर मंगलवार को फरीदाबाद में सेक्टर-28 स्थित केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के आवास पर उनसे भी मुलाकात की।
  3. पीड़ित परिवार का कहना है कि महापंचायत के दौरान जिन 37 लोगों पर दर्ज केस वापस लिया जाए। निकिता के भाई को योग्यता के अनुसार नौकरी दी जाए।
  4. परिवार की हालत को देखते हुए आर्थिक मदद की जाए और सेक्टर-2 स्थित सरकारी कॉलेज का नाम निकिता तोमर के नाम रखा जाए।
सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए आमरण अनशन की चेतावनी देते निकिता के पिता मूल चंद तोमर।
सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए आमरण अनशन की चेतावनी देते निकिता के पिता मूल चंद तोमर।

अब समाज के साथ मिलकर लड़ेंगे लड़ाई

निकिता के पिता ने कहा कि परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने साजिश के तहत कॉलेज का नाम पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के नाम रखकर धोखा किया है। परिजनों का कहना है कि अब सरकार के दरवाजे पर नहीं जाएंगे, बल्कि समाज के साथ मिलकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। अब वो गांव-गांव जाकर समाज के लोगों से मिलेंगे। साथ ही 30 जनवरी को कैंडल मार्च निकालकर आमरण अनशन शुरू करेंगे।

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