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झज्जर में बारिश के बीच तिरपाल तान जलानी पड़ी चिता:तुंबाहेड़ी के श्मशानघाट में नहीं है टिनशेड, एक दिन घर में रखी रही डेड बॉडी, अगले दिन भी बरसात नहीं रुकी तो किया संस्कार, देखें VIDEO

रेवाड़ी/झज्जर3 दिन पहले
झज्जर जिले के गांव तुंबाहेड़ी में अंतिम संस्कार करते ग्रामीण।

हरियाणा के जिला झज्जर के गांव तुंबाहेड़ी स्थित श्मशान घाट की हैरान करने वाली ऐसी तस्वीर सामने आई है। यहां भारी बारिश के बीच एक महिला का अंतिम संस्कार एक तिरपाल के नीचे किया गया है। इतना ही नहीं, इससे पहले एक दिन डेड बॉडी घर में ही रखी भी रही। एक दिन के इंतजार के बाद भी जब बारिश नहीं रुकी तो मजबूरी में तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों को वैसे तो इस समस्या से दो-चार होते अर्सा बीत गया, लेकिन इस अव्यवस्था की तस्वीर हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के माध्यम से सामने आई है। गनीमत रही कि कोई घटना नहीं घटी, नहीं तो तिरपाल अगर आग पकड़ लेती तो कई की जान जा सकती थी।

घटना सोमवार 19 जुलाई की है। मिली जानकारी के अनुसार गांव की 48 वर्षीय कृपाली देवी का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। लगातार बारिश के कारण परिजन एक दिन बरसात रुकने का इंतजार करते रहे, क्योंकि गांव के श्मशान घाट में टिनशेड नहीं होने के कारण शव का खुले में ही संस्कार किया जाना था।

पहले इस तरह बारिश रुकने का इंतजार किया गया।
पहले इस तरह बारिश रुकने का इंतजार किया गया।

बरसात नहीं रुकी तो अगले दिन बरसते पानी के बीच ही अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। पहले शव को चिता पर रखने के बाद प्लास्टिक के तिरपाल से ढककर रखा। फिर भी बरसात नहीं रुकी तो चिता के ऊपर तिरपाल को लोग चारों तरफ पकड़कर खड़े हो गए और फिर बड़ी मुश्किल से अंतिम संस्कार किया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने आखिर झज्जर के गांव तुंबाहेड़ी में बने श्मशान घाट की हकीकत बयां कर ही दी।

कुछ इस तरह हो रही है खानापूर्ति

इस बारे में गांव के सरपंच कप्तान का कहना है कि गांव के श्मशान घाट में एक जगह टिन शेड लगा है, लेकिन उसे दूसरे समाज के लोग इस्तेमाल करते हैं। इस मामले के बाद हमने अपने स्तर पर अधिकारियों को अवगत भी कराया है। फिलहाल हमारे पास चार्ज नहीं है। BDPO उमेद सिंह का कहना है कि तुंबाहेड़ी के श्मशान घाट में एक टिन शेड लगा हुआ है। अगर दूसरे के जरूरत होगी तो वहां और भी टिन शेड लगवाया जाएगा। इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार चेहरे जो भी कहते रहें, लेकिन यह भी बड़ी सच्चाई है कि इस घटना में बड़ा जानी नुकसान भी हो सकता था, क्योंकि ऐसा नहीं है कि पहले ऐसा हो नहीं चुका है।

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