ठगों के नंबर बताएगी हरियाणा पुलिस:साइबर क्राइम वेबसाइट पर जारी होंगे; मकसद: फोन पर धोखाधड़ी का शिकार होने से बचें लोग

चंडीगढ़3 महीने पहले
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हरियाणा में मोबाइल पर कॉल करके ठगी करने वालों के नंबर सार्वजनिक होंगे। हरियाणा पुलिस ने इसके लिए प्लान तैयार कर लिया है। यह नंबर साइबर क्राइम पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में निर्देश दिए थे। इस फैसले से लोगों को ठगों के नंबर मिल सकेंगे। वहीं पूरे देश में कहीं भी इन डिफॉल्टर नंबरों के डाटा की जांच पड़ताल करने में पुलिस अधिकारियों को आसानी होगी।

अगस्त तक 36996 शिकायतें मिलीं

अगस्त 2022 तक साइबर क्राइम की 36,996 शिकायतें साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930, पोर्टल साइबर क्राइम 309, साइबर-डेस्क और 29 साइबर पुलिस स्टेशनों में मिली हैं। इनमें से 20,484 प्रक्रियाधीन हैं और 15,057 का निपटारा किया जा चुका है। राज्य अपराध शाखा के साइबर पुलिस स्टेशन, पानीपत और सोनीपत, शिकायतों के निवारण में पहले नंबर पर हैं। जांच पूरी करने वाले जिलों में करनाल, सिरसा और भिवानी शामिल शीर्ष पर बने हुए हैं।

8 महीने में 8516 नंबर हुए अपलोड

अगस्त 2022 तक इस तरह के 8,516 नंबर इस पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी उन शीर्ष तीन जिलों में शामिल हैं, जिन्होंने साइबर अपराध करने में वाले फ़ोन नंबरों को सबसे अधिक संख्या में पोर्टल पर अपलोड किया। शिकायतों पर कार्रवाई करने और अगस्त तक लगभग 13 करोड़ रुपए की वसूली अब तक की जा चुकी है।

5000 पुलिसकर्मी होंगे प्रशिक्षित

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने 5000 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। पुलिस कर्मी राष्ट्रीय साइबर अपराध प्रशिक्षण केंद्र (साइट्रेन) के पोर्टल के जरिए ऑनलाइन प्रशिक्षण लेंगे। इस पोर्टल को केंद्र सरकार द्वारा विकसित किया गया है।

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