हरियाणा पुलिस जवान ले रहे विशेष ट्रेनिंग:लॉ एनफोर्समेंट रिस्पॉन्स सिस्टम के बारे में जानेंगे, मकसद- DP स्कैम करने वालों को पकड़ना

चंडीगढ़15 दिन पहले
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जैसे जैसे अपराधी हाईटेक हो रहे हैं, वैसे-वैसे हरियाणा पुलिस भी हाईटेक हो रही है। सूबे में अब DP स्कैम के ठगों को पकड़ने के लिए कर्मचारियों की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। इस ट्रेनिंग के जरिए कर्मचारियों को LERS (लॉ एनफोर्समेंट रिस्पॉन्स सिस्टम) से रूबरू कराया जा रहा है।

इस सिस्टम के जरिए प्रशिक्षित अधिकारी IAS, IPS या अन्य किसी अधिकारी की फोटो लगा कर रुपए या अन्य किसी सामान की व्हाट्सऐप पर डिमांड करने वाले ठगों को ट्रेस कर सकेंगे।ऐसे व्हाट्सऐप प्रोफाइल को तत्काल बंद भी करवा सकेंगे। प्रोफाइल पर लगे अधिकारी की फोटो की पहचान भी की जा सकेगी। सिस्टम में कंप्लेंट को ट्रेस करने का फीचर भी है।

ऐसे देते अपराधी वारदात को अंजाम

अधिकारियों की फोटो इंटरनेट से डाउनलोड की जाती है और वर्चुअल वॉट्सऐप नंबर के स्टेटस में DP लगा दी जाती है। साइबर अपराधी अक्सर अन्य जूनियर अधिकारियों को मैसेज करते हैं, जिसमें गिफ्ट कार्ड लेने के लिए या निजी जरूरतों के लिए पैसे मांगे जाते हैं, जिसे कुछ दिनों बाद वापस करने के लिए लिखा जाता है। सीनियर अधिकारी की फोटो होने के कारण अधिकारी अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। देश के कई राज्यों में ऐसे अपराध संज्ञान में आए हैं ।

अब तक 36996 शिकायतें

अगस्त 2022 तक साइबर क्राइम की 36,996 शिकायतें साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930, पोर्टल साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन, 309 साइबर डेस्क और 29 साइबर पुलिस स्टेशनों पर प्राप्त हुई थीं। इनमें से 20,484 विचाराधीन हैं और 15,057 का निपटारा किया जा चुका है।

जल्दबाजी में न लें फैसला: प्रवक्ता

इस तरह के अपराधों में कभी भी जल्दबाज़ी में फैसले नहीं लें। यदि मैसेज पर कोई डिमांड करता है तो एक बार फ़ोन पर बात अवश्य करें। ट्रेनिंग सेशन में सभी साइबर नोडल अधिकारियों और साइबर डेस्क कर्मचारियों को इस नई मोडस ऑपरेंडी में बारे में बताया जा रहा है। हरियाणा पुलिस प्रवक्ता IPS ओपी सिंह ने बताया कि जिस तरह से साइबर क्राइम अपना रूप बदल रहा है, उसी तरह से पुलिस भी हाईटेक हो रही है।

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