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कोरोना महामारी से जंग:हरियाणा में 9 मई से डोर-टू-डोर मिलेगी ऑक्सीजन रीफिल, आर्मी या पैरा मिलिट्री फोर्स को सौंपा जा सकता है प्लांटों का प्रबंधन

अंबालाएक महीने पहले
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हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज- -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज- -फाइल फोटो

जान बचाने की मारा-मारी के बीच हरियाणा में लोगों को डोर- टू- डोर ऑक्सीजन सिलेंडर रीफिल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह जानकारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने सांझा की है। उन्होंने बताया कि राज्य में यह सुविधा 9 मई से शुरू हो जाएगी। दूसरी ओर प्रदेश के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संकेत दिए हैं कि ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांटों का प्रबंधन सेना या अर्ध सैनिक बलों को सौंपा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार बच्चों के टीकाकरण के लिए भी तैयार है। जैसे ही केंद्र सरकार की ओर से बच्चों के लिए वैक्सीन मंजूर होगी, वैसे ही बच्चों के टीकाकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के मुताबिक हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार से पहले ही मांग कर रखी है कि दूसरे राज्यों से ऑक्सीजन भिजवाने के बजाय पानीपत स्थित ऑक्सीजन प्लांट से ही पूरी आपूर्ति दिलाई जाए। इससे न केवल प्रदेश में तत्काल ऑक्सीजन उपलब्ध होगी, बल्कि परिवहन पर खर्च भी घटेगा। पानीपत से पूरी ऑक्सीजन मिलने पर उड़ीसा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से हरियाणा मंगवाई जा रही ऑक्सीजन को दिल्ली सहित दूसरे राज्यों को दिया जा सकता है।

गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट्स के नियंत्रण एवं प्रबंधन का कार्य सेना या अर्ध सैनिक बलों को सौंप दिया जाना चाहिए, ताकि इनकी सुरक्षा व सुचारू संचालन हो सके। यह जरूरी है क्योंकि अगर एक भी प्लांट रुक जाता है तो लोगों की सांसें रुक जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन का जरूरत के अनुसार वितरण करने का लगातार प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार की मदद से प्रदेश में 30, 50, 100 और 200 बिस्तरों की क्षमता वाले सरकारी अस्पतालों में 60 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री विज ने कहा कि छह सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट्स पर कार्य किया जा रहा है। अंबाला के बाद अब पंचकूला, फरीदाबाद और हिसार में भी शीघ्र ही ऑक्सीजन प्लांट काम करना शुरू कर देंगे। करनाल और सोनीपत में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांटो में उत्पादन शुरू हो गया है। सरकारी अस्पतालों को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा युद्धस्तर पर काम जारी है।

इस तरह से मिलेगी डोर-टू-डोर सुविधा

उधर, डोर-टू-डोर ऑक्सीजन सिलेंडर रीफिल की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने विभिन्न जिलों के नोडल अफसरों और रेडक्रॉस सोसायटी के सचिवों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। यह सुविधा शुरू होने से स्टेप डाउन कोविड ग्रस्त मरीजों को भी होम आइसोलेशन में ऑक्सीजन की सुविधा मिलने में आसानी होगी और अस्पतालों के ऑक्सीजन बेड गम्भीर कोविड मरीजों के लिए उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक पोर्टल http://oxygenhry.in/ बनाया गया है। इसके लिए मरीज या उनके परिजनों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान आधार नम्बर और ऑक्सीजन लेवल के लिए ऑक्सीमीटर का फोटो भी अपलोड करना होगा। इसके अलावा मरीज की उम्र और पता लिखना अनिवार्य होगा। एक मोबाइल नम्बर से एक दिन में एक बार ही आवेदन किया जा सकेगा। साथ ही इस पोर्टल पर जाकर स्वयंसेवी संस्थाएं रजिस्ट्रेशन करेंगी, जिससे उनका लॉग-इन बन जाएगा। जैसे ही पोर्टल पर जरूरतमंद मरीज ऑक्सीजन सिलेंडर के रीफिल के लिए रजिस्ट्रेशन करेगा तो उसका आवेदन स्वयंसेवी संस्था और रेडक्रॉस सोसायटी दोनों के पास रिफ्लेक्ट हो जाएगा। रेडक्रॉस सोसायटी या स्वयंसेवी संस्था में से कोई भी इस आग्रह को स्वीकार करेगा तो आवेदक मरीज के दिए मोबाइल नम्बर पर एक SMS पहुंच जाएगा।