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गैस पाइप लाइन के मुआवजे पर बवाल:हिसार में डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा की कोठी को घेरकर धरने पर बैठे किसान, भारी पुलिस बल तैनात

हिसार3 महीने पहले
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हिसार में हरियाणा विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा की कोठी के घेराव की चेतावनी के चलते तैनात पुलिस बल। - Dainik Bhaskar
हिसार में हरियाणा विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा की कोठी के घेराव की चेतावनी के चलते तैनात पुलिस बल।

हिसार में बुधवार को माहौल बड़ा तनाव वाला है। मुद्दा गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए जमीन एक्वायर किए जाने का है। जिन किसानों की जमीन इस प्रोजेक्ट में गई है, उनका आरोप है कि मुआवजाराशि उम्मीद के अनुरूप नहीं है। इसी बात को लेकर आज यहां किसान संगठनों की तरफ से विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा की कोठी के घेराव की चेतावनी दी गई थी। डिप्टी स्पीकर चंडीगढ़ बताए जा रहे हैं और चेतावनी के मुताबिक यहां पहुंचे किसान फिलहाल उनके घर के आगे धरने पर बैठ गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना के मद्देनजर यहां भारी पुलिस बल तैनात है।

बता दें कि हिसार जिले के हांसी इलाके के गांव उमरा, सुल्तानपुर, ढंढेरी, पुट्ठी मंगल खां से गैस की पाइप लाइन गुजरती है। गुजरात से पंजाब के बठिंडा के लिए दबाई गई इस पाइप लाइन के लिए किसानों को जमीन एक्वायर किए जाने के एवज में मुआवजा दिया गया था। किसानों का कहना है कि उन्हें प्रति एकड़ 12 लाख की दर से 5 फीट एरिया का ही मुआवजा दिया जा रहा है, जो तकरीबन 30 हजार रुपए बन रहा है, जबकि कलेक्टर रेट के हिसाब 33 लाख एकड़ की दर से यह 90 हजार रुपए होना चाहिए।

किसानों के अनुसार 5 फीट जमीन का नाममात्र मुआवजा देकर 50 फीट जमीन कब्जाई जा रही है। असल में गाइडलाइन में लिखा है कि पाइप लाइन के दोनों और 50 फ़ीट के दायरे में किसान न तो पौधारोपण कर सकता है, न घर बना सकता है और न ही टैंक आदि बना सकता है।

इसके अलावा गांवों में खेत कहीं ऊंचे तो कहीं नीचे हैं, इसके बावजूद 6 फीट नीचे लाइन दबाई जा रही है। अगर किसी किसान का खेत ऊंचा है और यह पाइप लाइन वहां से गुजर गई तो किसान 25 फीट तक किसान अपनी जमीन को लेवल नहीं कर पाएगा। पाइपलाइन के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं, नहरी खाले तोड़ दिए गए हैं, उनका कोई मुआवजा नहीं दिया जा रहा। हालांकि कृषि विभाग की 3 अफसरों की टीम भी इस पाइपलाइन को दबाने के तरीकों को गलत बता चुका है।

Dainik Bhaskar जल्द ही इस खबर को अपडेट करेगा...

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