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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बयान:शादी का टूटना तय तो फिर 6 महीने का इंतजार जरूरी नहीं

चंडीगढ़8 दिन पहले
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हरियाणा में फतेहाबाद फैमिली कोर्ट के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि जहां शादी का टूटना तय है वहां 6 महीने का इंतजार करवाना जरूरी नहीं है। जस्टिस अरुण मूंगा ने फैसले में कहा कि फैमिली कोर्ट हर मामले में 6 महीने का इंतजार कराने के निर्देश ना दें।

हाईकोर्ट ने कहा कि 6 माह का समय दोनों पक्षों के बीच यदि कोई सुलह की संभावना है तो उसके लिए है। हाईकोर्ट ने फतेहाबाद की फैमिली कोर्ट को 6 माह का समय ना देकर आगे सुनवाई करने के निर्देश दिए है। तलाक के लिए याचिका दायर करने वाले पति पत्नी ने हाईकोर्ट में कहा गया कि फतेहबाद फैमिली कोर्ट के फैसले को खारिज किया जाए।

हर किसी को अपने ढंग से जीवनयापन का अधिकार

हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों में छह माह इंतजार करने का मतलब दोनों पक्षों के बीच परेशानी को बढ़ाना है। दोनों पक्ष तय कर चुके हैं कि अब साथ में नहीं रहना है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने ढंग से जीवनयापन का अधिकार है। ऐसे में बेवजह 6 माह का इंतजार करने के लिए नहीं कहा जा सकता। ऐसे में फैमिली कोर्ट इस अवधि की छूट देते हुए आगे सुनवाई करे।

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