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इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला बढ़ाएंगे हरियाणा का सियासी पारा:1 सितंबर से निकलेंगे प्रदेश के दौरे पर, जींद में ताऊ देवीलाल के जन्मदिन को सम्मान दिवस के रूप में मनाएंगे; पोते दुष्यंत की सरकार के खिलाफ करेंगे प्रचार

हिसार5 महीने पहले
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हरियाणा के पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
हरियाणा के पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला। फाइल फोटो

हरियाणा के पूर्व मुंख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने जेबीटी घोटाले में सजा पूरी होने के बाद एक बार फिर से इनेलो पार्टी को मजबूत करने में एक्टिव रूप से जुट गए हैं। इसी कड़ी में ओम प्रकाश चौटाला ने जींद में ताऊ देवीलाल के जन्मदिन को सम्मान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय करते हुए इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। हाशिए पर जा चुकी पार्टी में फिर से नई जान फूंकने के लिए इस सम्मान दिवस रैली में भारी भीड़ का जुटना भी जरूरी है ताकि कार्यकर्ताओं में फिर से हौसला पैदा किया जा सके। भाजपा के साथ-साथ इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला का यह कार्यक्रम अपने ही पोते दुष्यंत चौटाला की जजपा पार्टी के भी विरोध में रहने वाला है क्योंकि जजपा भी प्रदेश में भाजपा की सहयोगी पार्टी है।

ओम प्रकाश चौटाला ने कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए पूरे प्रदेश के दौरों का शैड्यूल तैयार कर लिया है। इस दौरान वह भाजपा सरकार द्वारा किसानों पर थोपे गए काले कृषि कानूनों, बेतहाशा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और पैट्रोल-डीजल के आसमान छूते दाम और किसानों को उनकी फसलों के उचित दाम न मिलने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

चौटाला ने कहा कि आज देश और प्रदेश का हर वर्ग महंगाई से त्रस्त है और रोजी-रोटी के लिए त्रस्त रहा है। प्याज-आलू समेत सब्जियों, दालों और खाद्य तेल के दाम आसमान को छू रहे हैं। लेकिन सरकार है कि जनता के दुख-दर्द को समझने के बजाय सत्ता के नशे में चूर आंखें मूंदे बैठी है। प्रदेश की गठबंधन सरकार की गलत नीतियों के कारण आज किसान, मजदूर, व्यापारी और अन्य जरूरतमंद वर्ग मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

ऐसा रहेगा कार्यक्रमों का शेड्यूल
ओम प्रकाश चौटाला बुधवार 1 सितंबर से सिरसा और फतेहाबाद से कार्यकर्ता मिलन समारोह की शुरूआत करेंगें। इसके बाद 2 सितंबर को हिसार और जींद, 3 सितंबर को कैथल और अंबाला, 4 सितंबर को पंचकुला और यमुनानगर, 5 सितंबर को कुरूक्षेत्र और करनाल, 6 सितंबर को पानीपत और सोनीपत, 8 सितंबर को फरीदाबाद और पलवल, 9 सितंबर को नूहं और गुरुग्राम, 10 सितंबर को रोहतक और झज्जर, 11 सितंबर को रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ और 12 सितंबर को दादरी और भिवानी जिलों की बैठक लेंगे।

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