नरवाना में अलसुबह कार-बाइक की भीषण भिड़ंत:दो चचेरे भाइयों और भानजे की मौत, एक कर रहा था सेना भर्ती की तैयारी; 12वीं कर चुके दूसरे युवक को लेना था कॉलेज में दाखिला

जींदएक वर्ष पहले
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जींद में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। इनमें दो आपस में चचेरे भाई थे, वहीं तीसरा उनका भानजा था। हादसा उस वक्त हुआ, जब इनमें से 2 चचेरे भाई बहन के ससुराल से लौट रहो थे। रास्ते में मोड़ पर इनकी बाइक की एक कार से सीधी टक्कर हो गई और तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना के बाद पुलिस ने तीनों शवों को शवगृह में भिजवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इनके परिजनों को भी सूचित किया गया है।

सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त कार, जिसका चालक टक्कर मारने के बाद फरार हो गया।
सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त कार, जिसका चालक टक्कर मारने के बाद फरार हो गया।

मृतकों की पहचान कैथल जिले के रामगढ़ पांडवां गांव के 24 वर्षीय कर्मपाल, उसके 28 वर्षीय चचेरे भाई मलकीत और गांव बाहमणी के 18 वर्षीय भानजे कर्ण सिंह के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार कर्मपाल गुरुवार शाम को मलकीत और कर्ण के साथ दनौदा गांव में अपनी बहन से मिलने आया था। रात में वहीं रुक गया, लेकिन सुबह उसे भैंसों का दूध निकालना था और खेत से हरा चारा लाना था। इसके चलते वह भाई और भानजे के साथ सुबह 3 बजे ही दनौदा से चल पड़ा। करीब साढ़े 3 बजे डूमरखां कलां के पास दिल्ली-पटियाला हाईवे पर कट से कैथल की तरफ मुड़ते वक्त इनकी बाइक को सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी।

घटनास्थल पर पड़ी क्षतिग्रस्त मोटरसाइकल, जिस पर तीनों मृतक सवार थे।
घटनास्थल पर पड़ी क्षतिग्रस्त मोटरसाइकल, जिस पर तीनों मृतक सवार थे।

हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं कार का चालक मौके से फरार हो गया। पता चलने पर मृतकों के परिवार के लोग भी वहां पहुंच गए। कर्मपाल के भाई नरेश ने बताया कि कार की स्पीड तेज होने की वजह से टक्कर लगने से बाइक काफी दूर जाकर गिरी। नरेश की शिकायत पर सदर थाना नरवाना ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस बारे में थाना प्रभारी सत्यवान का कहना है कि मृतक के भाई की शिकायत पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। नागरिक अस्पताल नरवाना में तीनों मृतकों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।

अविवाहित थे तीनों मामा-भानजा

उधर नरेश ने बताया कि कर्मपाल खेती करने के साथ-साथ आर्मी की भी तैयारी कर रहा था। वहीं उसके भानजे कर्ण ने इसी साल 12वीं कक्षा पास की थी और अब कॉलेज में दाखिला लेना था। तीन सितंबर को अपने मामा के घर आया था। कर्मपाल के बड़े भाई अनिल की कई साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। उसका भाई नरेश भी खेती करता है। वहीं चचेरा भाई मलकीत भी खेती करता था। कर्मपाल, मलकीत और कर्ण तीनों ही अविवाहित थे।

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