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हाल-ए पीएम आवास योजना:शहरों में 2.48 लाख परिवारों में सिर्फ 4858 को मिली छत, गांवों में 1.29 लाख को इंतजार

हरियाणा4 दिन पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।
  • केंद्र से दोबारा रजिस्ट्रेशन शुरू करने की सिफारिश

हरियाणा में प्रधानमंत्री आवास योजना की गति जहां धीमी है, वहीं केंद्र सरकार ने भी खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लिए नए रजिस्ट्रेशन ढाई साल पहले ही बंद कर दिए थे। ऐसे में प्रदेश में 1.29 लाख परिवारों के सिर छत के लिए सरकारी मदद नहीं मिल रही है। राज्य सरकार ने इसे लेकर केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा है। परंतु वहां से कोई जवाब नहीं आया है।

दूसरी तरफ शहरी क्षेत्र में नगर निकाय विभाग विभाग 4 वर्ष में 2.48 लाख पात्र परिवारों में 4858 को ही इस योजना में आशियाना मुहैया करा सका है। हालांकि 15,751 मकानों अभी निर्माणाधीन बताए गए हैं तो बाकी अभी कागजी कार्यवाही तक सीमित है। खास बात यह है कि 2016 में ग्रामीण और 2017 में शहरी गरीब लोगों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना अब प्रदेश के नए बने हाउसिंग फाॅर ऑल डिपार्टमेंट को दी गई है, जो हाउसिंग बोर्ड व दूसरे विभागों के अफसरों के अतिरिक्त चार्ज के भरोसे है।

हाल तो यह है कि इस नए डिपार्टमेंट में फाइलों को आगे सरकाने के लिए अभी नियमित स्टाफ तक नहीं है। कुछ आउटसोर्सिंग के तहत कर्मचारी लगाए हैं। ऐसे में गरीबों परिवारों का अपने घर का सपने का इंतजार लंबा हो रहा है। नगर निकाय विभाग के निदेशक डीके बेहरा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना अब हमारे पास नहीं है। यह योजना हाउसिंग फॉर ऑल डिपार्टमेंट के पास चली गई है। इसलिए योजना के तहत जो भी कार्रवाई होगी, वही डिपार्टमेंट करेगा।

जानिए... गांवों-शहरों में आवास योजना के हालात

ग्रामीण : प्रधानमंत्री आवास योजना सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों के लिए 1 अप्रैल, 2016 को लॉन्च की गई थी। योजना की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग को देते हुए 2016-17 और 2017-18 में कुल 21,502 मकानों का लक्ष्य दिया गया। करीब 5 वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन अभी भी 429 मकानों का निर्माण कार्य अभी चल रहा है। खास बात यह है कि 7 मार्च, 2019 में केंद्र सरकार ने रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए। 2020-21 प्रदेश को 1240 मकान बनाने का लक्ष्य दिया, जबकि 2021-22 के लिए 8038 मकानों का टारगेट मिला है। राज्य सरकार के पास प्रदेशभर से 1.61 लाख आवेदन और आ चुके हैं। इनकी जांच हुई तो 1.29 लाख योग्य भी मिले हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन बंद है। अब केंद्र से रजिस्ट्रेशन चालू करने की अपील की है।

शहरी : ग्रामीण क्षेत्र के बाद 2017 में शहरी क्षेत्र के गरीब परिवारों के लिए आवास योजना की शुरुआत की गई। पूरे हरियाणा में 3,61,365 लोगों ने मकान के लिए आवेदन किया। जांच हुई तो इनमें 2,48,657 सही पाए गए। शहरी क्षेत्र में मकान बनाने की जिम्मेदारी नगर निकाय विभाग को मिली। परंतु इतना लंबा समय गुजरने पर भी अभी 4858 मकान ही पूरे हो पाए हैं। 15,751 का निर्माण कार्य चल रहा है तो बाकी अन्य कार्रवाई में फंस गए। केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्र के लिए 350.71 करोड़ रुपए भी स्वीकृत किए, लेकिन गरीबों तक 263.37 करोड़ रुपए ही पहुंच पाए हैं। बाकी करीब 87 करोड़ रुपए नगर निकाय विभाग खर्च ही नहीं कर पाया।

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