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कोरोना संकट:सुखद संकेत: रोज मिलने वाले नए मरीजों की ग्रोथ में 6 दिन से ठहराव, 24 घंटे में 117 जानें गईं

राजधानी हरियाणा6 महीने पहले
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पानीपत | सिविल अस्पताल में बुधवार को एक ही बेड पर जिंदगी और माैत आमने-सामने हाे गई। पानीपत के प्रेमचंद की माैत हाे गई। वहीं, जिंदगी व माैत से लड़ रही बुजुर्ग महिला को उसी बेड पर ऑक्सीजन दी गई जिस पर शव था। यह अस्पतालों में बेड की कमी का भयावह सच है। फोटो | नवीन मिश्रा - Dainik Bhaskar
पानीपत | सिविल अस्पताल में बुधवार को एक ही बेड पर जिंदगी और माैत आमने-सामने हाे गई। पानीपत के प्रेमचंद की माैत हाे गई। वहीं, जिंदगी व माैत से लड़ रही बुजुर्ग महिला को उसी बेड पर ऑक्सीजन दी गई जिस पर शव था। यह अस्पतालों में बेड की कमी का भयावह सच है। फोटो | नवीन मिश्रा
  • 11098 मरीज मिले, ;चिंता: रिकवरी दर 80% से नीचे आई
  • पहली के मुकाबले दूसरी लहर में 64.47% मौतें व 153% ज्यादा संक्रमित

प्रदेश में कोरोना को लेकर सुखद खबर यह है कि प्रतिदिन मिलने वाले मरीजों की संख्या में स्थिरता आई है। पिछले 6 दिन से हर दिन मिलने वाले मरीज औसतन 11 हजार पर स्थिर हैं। जबकि इससे पहले 5 हजार से 10 हजार मरीज होने में केवल 8 दिन का समय लगा था। बुधवार को भी कुल 11098 लोग पॉजिटिव मिले हैं। लेकिन चिंता की बात यह है कि 24 घंटे में प्रदेश में रिकॉर्ड 117 मरीजों की जान गई है।

वहीं, रिकवरी दर भी सितंबर के बाद फिर से एक बार नीचे आकर 79.8% रह गई है। एक चिंता यह भी है कि दूसरी लहर, नवंबर की पहली लहर से ज्यादा खतरनाक है। दूसरी लहर में 64.47% ज्यादा मौतें और 153% ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं। नवंबर में 608 लोगों की मौत हुई और 67,193 लोग पॉजिटिव हुए। दूसरी लहर में अप्रैल के 28 दिनों में 1002 लोगों की जान गई और 1,69,308 लोग संक्रमित हुए हैं।

यानी पहली लहर में हर दिन 20 की जान गई तो अब 36 की मौत रही है। नवंबर में 20 तारीख को अधिकतम एक दिन में 3023 केस आए थे। जबकि अब 11991 तक आ चुके हैं। सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 90 पार हो गया है।

संकट: नॉन कोविड की ऑक्सीजन रोकी

  • कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत होने पर पानीपत के 100, जींद के 40, हिसार के 200 व सिरसा के 40 से अधिक नॉन कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई रोक दी गई।
  • हेल्थ सेक्रेटरी राजीव अरोड़ा ने कहा कि हमने किसी की ऑक्सीजन नहीं रोकी है। इतना अवश्य है कि जिन छोटे नर्सिंग होम में कोविड मरीज हैं, उनसे इन्हें कोविड अस्पतालों में शिफ्ट करने को कहा है।

विरोध: जबरन डिस्चार्ज करने पर हंगामा

  • गुड़गांव और रोहतक के एक-एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने पर मरीजों के परिजनों ने हंगामा किया।
  • फतेहाबाद के निजी अस्पताल में प्रशासन ने छापा मारा। यहां 27 को भर्ती किया हुआ था। अनुमति 10 की थी।
  • कुरुक्षेत्र के निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमित डॉक्टर इलाज करते हुए मिला, जिसके बाद मरीजों ने हंगामा किया।
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