पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

खेती-किसानी:बेमौसमी भिंडी के फूल आने पर वैज्ञानिक विधि से देखभाल सबसे जरूरी

गढ़ी बीरबल18 दिन पहलेलेखक: राकेश कुमार
  • कॉपी लिंक

प्रदेश में भिंडी की खेती एक व्यवसायिक स्तर पर किसानों द्वारा की जाती है। वैज्ञानिक विधियों द्वारा भिंडी की बे-मौसमी व अगेती फसल से फलों के अधिक उत्पादन करके किसान ज्यादा आर्थिक लाभ ले सकते हैं। इसके लिए किसान अपने खेतों में भिंडी की मार्च एवं अप्रैल में बीजों की सीधी बिजाई कर सकते हैं। वर्तमान समय में भिंडी के पौधों पर फूल और फल आने शुरू हो चुके हैं।

इस बारे में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सब्जी विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर सुरेश कुमार अरोड़ा ने बताया कि बे-मौसमी फसल से अधिक पैदावार लेने के लिए अच्छी किस्मों का चयन करना जरूरी होता है। भिंडी की उन्नत प्रजातियां जैसे वर्षा उपहार, हिसार उन्नत, अनामिका जैसी किस्में ही लगानी चाहिए।

खबरें और भी हैं...