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कोरोना संकट:सख्ती की दरकार, क्योंकि 37 हजार कोरोना सैंपल की रिपोर्ट पेंडिंग, संदिग्ध और संक्रमित खुले में घूम रहे

राजधानी हरियाणा8 महीने पहले
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सैंपलों की रिपोर्ट पेंडेंसी पिछले 10 दिन में 27014 से बढ़कर 37491 तक पहुंच गई - Dainik Bhaskar
सैंपलों की रिपोर्ट पेंडेंसी पिछले 10 दिन में 27014 से बढ़कर 37491 तक पहुंच गई
  • प्रदेश में पहली बार एक दिन में नए मरीज 3500 के पार, 3 साल की बच्ची समेत 15 की मौत
  • टेस्टिंग क्षमता रोज 90 हजार, सैंपलिंग 34 हजार, फिर भी रिपोर्ट पेंडेंसी 38% बढ़ गई
  • यह स्थिति खतरनाक,10% पॉजिटिविटी रेट के चलते इनमें 3700 संक्रमित मिल सकते हैं,प्रदेश में एक मरीज आगे 11 और लाेगों को संक्रमित कर रहा है

प्रदेश में रविवार को 24 घंटे में पहली बार रिकॉर्ड 3505 नए मरीज मिले। 3 साल की बच्ची समेत 15 की मौत हो गई। सक्रिय मरीज बढ़कर 21,610 हो गए हैं। यही रफ्तार रही तो सितंबर का 22468 सक्रिय मरीजों का पीक सोमवार को पीछे छूट सकता है।

उधर, केंद्र का जोर टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट पर है। लेकिन हरियाणा में टेस्टिंग क्षमता रोज 90 हजार होने के बावजूद 34 हजार ही सैंपल लिए जा रहे हैं। इनकी भी रिपोर्ट आने में 2 से 3 दिन लग रहे हैं। पिछले 10 दिन में ही रिपोर्ट पेंडेंसी 10477 (38%) बढ़कर 37,491 हो चुकी है।

रविवार को हर 100 सैंपल में 10 लोग पॉजिटिव मिले। इसका मतलब पेंडिंग रिपोर्ट में 10% के हिसाब से 3749 पॉजिटिव मिल सकते हैं। सैंपल लेने के बाद क्वारेंटाइन करने का नियम फॉलो नहीं किया जा रहा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में एक मरीज 11 लोगों को संक्रमित कर रहा है।

ऐसे में 3749 लोग करीब 41 हजार को संक्रमित कर चुके होंगे। वहीं, होम आइसोलेशन को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं। कहीं दवाई के लिए तो कहीं सैंपल के लिए मरीजों को खुद जाना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. वीना सिंह ने बताया कि सभी सीएमओ को पहले की तरह सभी इंतजाम करने को कहा गया है। सभी कोविड अस्पताल शुरू कर दिए हैं। प्राइवेट अस्पतालों को भी बेड आदि रखने के आदेश दिए हैं।

सरकारी कार्यक्रम रद्द

कोरोना केसों को देखते हुए आम्बेडकर जयंती पर सरकार की ओर से घोषित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है। उधर, सोमवार को गृह मंत्री और सीएम बैठक कर सख्ती को लेकर फैसला ले सकते हैं। कुछ जिलों में नाइट कर्फ्यू लग सकता है।

होम आइसोलेशन का हाल जानिए

पानीपत: कोरोना पॉजिटिव को खुद ही दवाई लेने जाना पड़ा

मतलौडा क्षेत्र में एक व्यक्ति पाॅजिटिव मिला। वह खुद दवा लेने के लिए बरसत राेड तक गया। एेसे ही समालखा में दाे बहनें पाॅजिटिव हुईं, उन दाेनाें की दवा भी नहीं पहुंची। पिता को सीएचसी दवा लेने जाना पड़ा। सेक्टर-12 के परिवार में मिले केसाें में 4 केसाें में से एक की ही दवा पहुंची।

करनाल: संक्रमित को टेस्ट के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ा

सेक्टर-9 की महिला ने बताया कि हालत में सुधार होने के बाद दोबारा टेस्ट के लिए वह सिविल अस्पताल गईं। वहां लाइन में लगी तो चक्कर आने लगे। कर्मचारी से कहा कि ज्यादा देर खड़ी नहीं रह सकती तो उसने कहा नंबर पर टेस्ट होगा। इसके बाद प्राइवेट अस्पताल में फोन किया। कर्मचारी घर आकर सैंपल ले गया।

कैथल: संक्रमित लोग बिना रोक-टोक घर से बाहर घूम रहे

गांव कौल निवासी ने बताया कि उन्होंने दवाई भी परिवार के लोगों से बाहर से मंगवाई। विभाग की तरफ से सुबह एक बार फोन आता है और ठीक हैं या नहीं बस, यह पूछा जाता है। इतना ही नहीं, संक्रमितों के बाहर आने जाने पर भी किसी तरह की रोक-टोक नहीं है।

सोनीपत: दवाइयां नहीं मिल रहीं, खुद ही जाना पड़ रहा बाहर

सेक्टर-61 में रहने वाले मरीज ने बताया कि वह, उनकी पत्नी व दो बच्चे हाल में संक्रमित हुए। पूरा परिवार होम आइसोलेशन में है। अभी तक कोई टीम उनके यहां नहीं आई। दवा भी नहीं मिली है। चारों सदस्यों को खांसी व जुकाम है। ऐसे में खुद ही बाहर से दवाएं लानी पड़ रही हैं।

टीकाकरण उत्सव: 1.13 लाख टीके लगे

प्रदेश में रविवार को टीकाकारण उत्सव मनाया गया। पहले दिन 1 लाख 13 हजार 917 लोगों को डोज दी गई। इनमें एक लाख 6 हजार 666 को तो पहली डोज लगी है।

प्रदेश सरकार की ओर से पहले दिन के लिए 1 लाख 24 हजार 500 लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया था। वहीं, जींद में वैक्सीनेशन उत्सव का जायजा लेने स्वास्थ्य विभाग उप निदेशक डॉ. यशपाल अपनी टीम के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। यहां स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें परिकान कंपनी की सिरिंज के निम्न स्तर होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी की सिरिंज पिस्टल में दिक्कत है, जिससे वैक्सीन लगाने मे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कहा कि सिरिंज के पिस्टल की अगली नोक टेढ़ी है, जिस कारण टीका लगाते समय एक तो पिस्टल रुक जाने से वैक्सीन खराब होने की आशंका बनी रहती है, वहीं मरीज को काफी दर्द होता है। स्टेट इम्यूनाइजेशन ऑफिसर डॉ. वीरेंद्र अहलावत ने बताया कि सीरिंज को लेकर आ रही है दिक्कत को केंद्र के सामने रखा जाएगा।

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