कौशल रोजगार निगम के नियमों पर कमेंट:कांग्रेस ने बताया कच्चे कर्मचारियों की दुकान और तुगलकी फरमान, मांग- वापस लें सरकार

चंडीगढ़6 महीने पहले
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हरियाणा कौशल रोजगार निगम में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों के लिए नए नौकरी नियम बनाने का प्रारूप तैयार हो चुका है। नए नियमानुसार, कच्चे कर्मचारी पक्के नहीं हो पाएंगे। इन नियमों के विरोध में विपक्ष ने सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं ने इस निगम को कच्चे कर्मचारियों की दुकान और तुगलकी फरमान की संज्ञा दी है।

आप सांसद ने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर पहुंचाकर पक्की भर्तियां बंद करके खट्‌टर सरकार ने युवाओं के शोषण के लिए कच्चे कर्मचारी नाम की दुकान खोल ली है। बगैर सुविधा और वेतन के युवाओं से बंधुआ मजदूर की तरह काम लिया जाएगा। जब तक भाजपा का शासन है, युवाओं को पक्का रोजगार नहीं मिलेगा।

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वहीं कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार प्रदेश के युवाओं की उम्मीदों को तोड़ने के लिए आए दिन साजिशें रच रही है और युवाओं को रोजगार से दूर कर रही है। कच्चे कर्मियों के लिए बनाए गए नियम बेहत निदंनीय हैं और यह कर्मियों के हितों पर कुठाराघात है। मनोहर लाल जी, हरियाणा विरोधी तुगलकी फरमान तुरंत वापस हो।

इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के नए नियमों के अनुसार कच्चे कर्मचारी कभी पक्के नहीं हो सकेंगे, न कभी कोर्ट जा सकेंगे और न ही समान काम, समान वेतन का लाभ ले सकेंगे। यह कर्मचारियों के हितों पर सीधे कुठाराघात है। प्रदेश सरकार इस कर्मचारी विरोधी फैसले को तुरंत वापस लें। अन्यथा आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।

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यह हैं नए नियम

निगम के कर्मचारियों को वेतन आयोग या अन्य लाभ नहीं मिलेंगे। जिन पदों पर वे कर्मचारी काम करेंगे, उन पक्के पदों को सरकारी विभागों में खत्म करने का प्रावधान है। निगम के पदों के नाम, रोल, ड्यूटी, जिम्मेदारी आदि नियमित कर्मचरियों के पदों से अलग होगी। इन्हें कुशल, अर्धकुशल, पदनाम ही दिए जाएंगे, जिससे यह समान काम- समान वेतन की मांग नहीं कर सकेंगे।

45 हजार को दिया गया ऑफर लेटर

सरकार का एक लाख कच्चे कर्मचारियों को निगम में लाने का लक्ष्य है। अब तक 45 हजार मौजूदा अनुबंध कर्मचारियों को नौकरी के लिए ऑफर लेटर दिए गए हैं। इसमें 23 हजार से अधिक ने जॉइन किया है। स्वास्थ्य विभाग से निगम के पोर्टल पर 11,235 उम्मीदवारों को पोस्ट किया है। निगम के माध्यम से तैनाती की पेशकश की है। इनमें से 7936 ने जॉइन किया है। निगम के माध्यम से 260 विभागों, बोर्ड और निगमों को अनुबंध आधार पर रोजगार सेवाएं दी जाएगी।