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जहरीली हुई हवा:सांसों पर आफतकाल, देश के सबसे प्रदूषित 24 शहरों में 12 हरियाणा के, 999 तक पहुंचा एक्यूआई

हरियाणा25 दिन पहले
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जींद में धुएं का गुबार ऐसा छाया कि दृश्यता भी 30 मीटर तक रह गई। - Dainik Bhaskar
जींद में धुएं का गुबार ऐसा छाया कि दृश्यता भी 30 मीटर तक रह गई।
  • प्रतिबंध के बावजूद खूब जले पटाखे और पराली, एक दिन में एक्यूआई दोगुना होकर गंभीर श्रेणी में पहुंचा

प्रदेश में प्रतिबंध के बावजूद दिवाली की रात जमकर पटाखे फोड़ने और 283 जगह पराली जलाने के कारण एक दिन में ही प्रदूषण का स्तर दोगुना हो गया है। पंचकूला, पलवल, सिरसा, झज्जर को छोड़ बाकी 18 जिलों में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) औसत 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ऊपर पहुंच गया।

पूरे देश की बात करें तो 24 शहरों में एक्यूआई 400 से 500 के बीच ‘गंभीर’ स्तर पर रहा। इनमें देश की राजधानी दिल्ली, 12 शहर हरियाणा, 10 शहर यूपी और 1 शहर राजस्थान का है। हरियाणा का जींद औसत 490 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित रहा। 486 एक्यूआई के साथ गुड़गांव दूसरे और 475 एक्यूआई के साथ यूपी का नोएडा तीसरे नंबर पर रहा।

आसमान में धुएं का गुबार छाया रहा और गैस चैंबर जैसे हालात बन गए। विजिबिलिटी 30 से 100 मीटर तक रह गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, एनसीआर के जिलों में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले महीन कण यानी पीएम2.5 की 24 घंटे की औसत 430 तक पहुंच गई। यह 60 की सुरक्षित दर से सात गुना ज्यादा है। वहीं, पीएम10 का स्तर शाम 5 बजे 558 रहा। अगर 48 घंटे लगातार पीएम2.5 का स्तर 300 और पीएम10 का स्तर 500 से ऊपर हाेता है तो ‘आपात’ स्थिति होती है।

पानीपत में गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह 10-11 बजे के बीच एक्यूआई 999 रहा। मौसम विभाग के चंडीगढ़ सेंटर के निदेशक डाॅ. मनमोहन सिंह के अनुसार, 6 से 8 नवंबर तक 25 से 35 किमी. प्रति घंटा की गति से हवा चल सकती है। इससे प्रदूषण कुछ कम हो सकता है, पर पूरी तरह राहत के आसार नहीं हैं।

  • बड़ा संकट - गैस चैंबर बना प्रदेश, हवा में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले कण बढ़े
  • परेशानी - धुएं के गुबार के कारण विजिबिलिटी भी 30 से 100 मीटर तक रह गई
  • आगे क्या? तीन दिन हवा चलेगी, लेकिन अभी पूरी तरह राहत संभव नहीं

एक्यूआई सामान्य से 19 गुना तक ज्यादा

स्थान 3 नवंबर 5 नवंबर

  • जींद 271 490
  • गुड़गांव 330 486
  • फरीदाबाद 340 469
  • बल्लभगढ़ 308 462
  • मानेसर 294 458
  • पानीपत 235 449
  • रोहतक 249 448
  • भिवानी 272 437
  • दादरी 284 424
  • हिसार 271 421
  • सोनीपत 269 411
  • कैथल 235 406
  • नारनौल 131 391
  • धारूहेड़ा 159 383
  • कुरुक्षेत्र 203 354
  • मांडीखेड़ा 204 336
  • फतेहाबाद 216 330
  • करनाल 141 329
  • पलवल 186 314
  • अम्बाला 212 301
  • बहादुरगढ़ 313 294
  • सिरसा 260 290
  • यमुनानगर 211 216
  • पंचकूला 107 161

एक्यूआई माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर में

मानक: 0-50 अच्छा, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब, 401-500 गंभीर।

पिछली बार 8 शहरों में गंभीर स्तर पर रहा था प्रदूषण, इस बार 12 में

इस बार प्रदूषण पिछले साल से भी ज्यादा हुआ। पिछले साल दिवाली के अगले दिन 15 नवंबर को 8 शहरों में एक्यूआई 400 से 500 के बीच रहा था, जबकि इस बार ऐसे 12 शहर हैं। 8 शहरों में यह 300 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और तीन शहरों में 200 से 300 के बीच ‘खराब’ स्तर पर रहा। पंचकूला में यह 100 से 200 के बीच ‘औसत’ रहा।

लोगों को सांस लेने में दिक्कत, गले और आंखों में जलन की शिकायत

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पटाखों और पराली जलाने के कारण आसमान में कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड सहित कई जहरीली गैसों का गुबार बन गया है। इससे सांस के रोगियों को बड़ी दिक्कत हुई है। जिन्हें अस्थमा है, उनके लिए भी बड़ी परेशानी है। लोगों को गले में दर्द और आंखों में जलन जैसी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।

इस बार दिवाली के अगले दिन 5 वर्षों में सर्वाधिक पराली जली

2017 से 2021 तक दिवाली के एक दिन बाद के नासा के सैटेलाइट मैप के अनुसार, 5 नवंबर 2021 को पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने के मामले सर्वाधिक दिखे। हालांकि, 2020 में पराली के धुएं का पीक 5 नवंबर को था। उस दिन प्रदूषण में पराली के धुएं का योगदान 42% था, लेकिन ये दिवाली के 9 दिन पहले हो गया था। 2019 में भी प्रदूषण में पराली के योगदान का पीक 1 नवंबर को 44% था, लेकिन दिवाली उससे 4 दिन पहले बीत चुकी थी। इस बार पराली के योगदान का पीक और पटाखों का धुआं एक ही दिन हुआ है। इसका असर यह हुआ कि दिल्ली के आनंद विहार में जहां स्मॉग टावर लगा है, वहां भी एक्यृूआई 463 रहा।​​​​​​​

दिल्ली में 7 वर्षों में पहली बार दिवाली के अगले दिन हवा की गुणवत्ता इतनी खराब

वर्ष दिवाली 1 दिन पहले दिवाली अगले दिन

  • 2015 11 नवंबर 353 343 360
  • 2016 30 अक्टूबर 404 431 445
  • 2017 19 अक्टूबर 302 319 403
  • 2018 7 नवंबर 338 281 390
  • 2019 27 अक्टूबर 287 337 368
  • 2020 14 नवंबर 339 414 435
  • 2021 4 नवंबर 310 418 500​​​​​​​

सिर्फ नाम की कार्रवाई: पटाखे जलाने पर 33 और बेचने पर 36 पर केस

पटाखों पर रोक के लिए पुलिस टीमों ने नाममात्र ही कार्रवाई की। पुलिस ने पटाखे जलाने पर सिर्फ 33 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें 28 फरीदाबाद, 5 यमुनानगर और एक केस कुरुक्षेत्र में दर्ज हुआ है। वहीं, पटाखे बेच रहे 36 लोगों पर ही केस दर्ज किया। सबसे ज्यादा 16 केस फरीदाबाद के हैं। पुलिस ने 8.89 क्विंटल पटाखे जब्त किए हैं। पटाखों से 57 जगह आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। जबकि पटाखे जलाते समय 57 लोग घायल भी हुए हैं।

चीन: बीजिंग में पीएम 2.5 का स्तर 234 होने पर स्कूल बंद, दिल्ली में यह 430

चीन की राजधानी बीजिंग में पीएम 2.5 का स्तर 234 माइक्रोग्राम/घन मी. पहुंचने से स्कूल, खेल के मैदान व कई फैक्ट्रियां बंद कर दी गईं। दृश्यता 200 मी. होने से कुछ हाईवे बंद किए गए। दिल्ली में भी दृश्यता 200 मी. है, जबकि पीएम 2.5 का स्तर 430 है। ​​​​​​​

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