अच्छी पहल:ग्रामीणों ने खुद ही बनाए नियम लॉकडाउन की तरह अपने घरों में हो गए कैद

राई6 महीने पहलेलेखक: देवेंद्र शर्मा
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राई. वाजिदपुर सबोली गांव की मेन गली, जो सुनसान हो गई है। - Dainik Bhaskar
राई. वाजिदपुर सबोली गांव की मेन गली, जो सुनसान हो गई है।
  • महामारी के डर से गांवों की गलियां हो गई सुनसान, हुक्का पीने वालों की नहीं सजती महफिल

सरकार ने भले ही लॉकडाउन नहीं लगाया हो, लेकिन राई ब्लॉक के गांवों के ग्रामीणों ने कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए अपने- अपने गांव में लॉकडाउन जैसे नियम अपना लिए हैं। गांव के लोग शहरों में जाने से बच रहे हैं। सुबह- शाम खेत में जाकर खुले में योगा अपना रहे हैं।

गांव में ही घरों में कैद हो गए हैं। जिससे गांव की गलियां भी अब सुनसान दिखाई देने लगी हैं। जो लोग ताश खेलने व हुक्का पीने के शौकीन थे, वे भी अब इस महफिल से दूर हो गए हैं। गांवों का माहौल एकदम बदल हो गया है। अब गांव के ही लोग एक दूसरे को सोशल मीडिया के जरिए जागरूक कर रहे हैं। आंतिल चौबीसी समाज कल्याण सेवा समिति भी वाट्सएप ग्रुप व फेसबुक से ग्रामीणों को जागरूक कर रही है।

कोविड -19 के मरीजों की संख्या में दिन- प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। कोरोना से पीड़ित मरीजों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। मरीजों को न तो समय पर अस्पताल में बेड मिल रहे हैं और न ही उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा नसीब हो रही है। ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए राई ब्लॉक के कई गांवों के ग्रामीणों ने अपनी जीवनशैली में बदलाव कर लिया है।

बुधवार को इन गांवों की ग्रांउड रिपोर्ट की गई तो वास्तव में गांव की गलियां सुनी मिली। लोग अपने घरों में रह रहे हैं। सरकार ने भले ही लॉकडाउन न लगाया हो, लेकिन राई ब्लॉक के वाजिदपुर सबोली, खेवड़ा, नाहरी, छतेहरा, जोशी चौहान, रसोई, जाटी कलां, सेवली, दीपालपुर, मुकीमपुर आदि गांव के ग्रामीण लॉकडाउन जैसे नियमों का पालन कर रहे हैं।

अपना गांव- स्वस्थ गांव की पहल शुरू, ताश खेलने व हुक्का पीने से बच रहे हैं लोग : नाहरी गांव की सरपंच लता देवी, महेश शर्मा, पाना सिखान के सरपंच सुनील दहिया, वाजिदपुर सबोली के सरपंच सतपाल, बीलू सबोली, उमेश गुलिया, रसोई के सरपंच ओमकुमार, दीपालपुर के कुलदीप आंतिल, सेवली के सरपंच रविंद्र नीटू्, जयकुमार, खेवड़ा निवासी अशोक कौशिक ने कहा कि अपने गांव को कोरोना जैसी महामारी से बचाना है।

इसलिए अब गांव- गांव में अपना गांव-स्वस्थ गांव की मुहीम शुरू की गई है। ग्रामीणों ने अपनी जीवनशैली में बदलाव कर लिया। जो लोग पहले प्रशासन व ग्रामीणों की बात को अनसुना कर घेर में ताश खेलने व हुक्का पीने से बाज नही आ रहे थे। वे आज दूर से ही हाथ जोड़कर राम- राम करने लगे हैं। गांव के लोगों में इस कदर खौफ है कि लोगों ने पड़ोसियों के घर भी आना- जाना बंद कर दिया है।

घर में रहेंगे तो ज्यादा सुरक्षित रहेंगे : आंतिल चौबीसी समाज सेवा समिति के उपप्रधान रामकिशन फौजी ने कहा कि ग्रामीण आपस में एक दूसरे को वाट्सएप व फेसबुक के जरिए जागरूक कर रहे हैं। बार- बार लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घर पर रहें। यदि कोरोना पॉजिटिव का संपर्क हुक्का पीने वालों व ताश खेलने वालों से होगा तो गांव महामारी की चपेट में आ जाएगा। लोगों को मास्क पहने व उचित दूरी बनाए रखने का भी आग्रह किया जा रहा है। हालांकि लोग पहले से ज्यादा जागरूक दिखाई दे रहे हैं। ज्यादातर ग्रामीण अपने घरों में ही रहते हैं।

विधायक ने की अपील, एक-दूसरे की मदद करें

राई के विधायक मोहनलाल बड़ौली ने भी लोगों से अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में धैर्य रखे। एक दूसरे की मदद करें। मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करें। भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बचे। बड़ौली ने कहा कि 18 साल से ऊपर के युवा कोविड की वैक्सीन के लिए ऑन लाइन अप्लाई करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगवानी चाहिए।

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