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बर्खास्तगी को चुनौती का मामला:डिप्टी CM चौटाला पर टिप्पणी करने पर गई थी ड्राइवर की नौकरी, हाईकोर्ट ने वित्तायुक्त को तलब किया

चंडीगढ़2 महीने पहले
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा के डिप्टी CM दुष्यंत के खिलाफ टिप्पणी के मामले की सुनवाई चल रही है। - Dainik Bhaskar
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा के डिप्टी CM दुष्यंत के खिलाफ टिप्पणी के मामले की सुनवाई चल रही है।
  • हांसी में सेवारत तहसीलदार के चालक पन्ना लाल ने कोरोना संक्रमण को लेकर की थी डिप्टी CM के खिलाफ टिप्पणी
  • कोर्ट को बताया-आधार बनाई गई सोशल मीडिया की पोस्ट दुष्यंत के मंत्री बनने से पहले की, सरकार ने कही जांच की बात

हरियाणा में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के खिलाफ टिप्पणी किए जाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में बर्खास्त हो चुका तहसीलदार का ड्राइवर न्याय की आस में हाईकोर्ट के द्वार पहुंच गया। उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रदेश के वित्तायुक्त को तलब किया है। उनके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भी पेश होना होगा। हालांकि सरकार की तरफ से दायर जवाब में अनुबंध खत्म हो जाने, कार्यकाल सही नहीं होने और दुष्यंत के खिलाफ टिप्पणी के मामले की पूरी जांच के बाद उसे बर्खास्त किए जाने की बात कही है।

मामला हिसार जिले के हांसी शहर का है। यहां सेवारत तहसीलदार के चालक पन्ना लाल ने कोरोना संक्रमण को लेकर हरियाणा के डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर गलत टिप्पणी की थी। इसके बाद 15 दिसंबर 2020 को हांसी के SDM ने चालक को हटाने के आदेश जारी कर दिए। आदेश में लिखा गया था कि आपके द्वारा उपमुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट की गई थी जो दंडनीय अपराध है, इसलिए आपको पद से मुक्त किया जा रहा है। इस फैसले के खिलाफ उसने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी।

पन्ना लाल ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका में पन्ना लाल ने बताया कि वह आउटसोर्स पॉलिसी के तहत ड्राइवर के पद पर कार्यरत था। दुष्यंत चौटाला के विरुद्ध इंटरनेट मीडिया पर जिस पोस्ट को आधार बनाकर उसे नौकरी से निकाला गया, वह उनके उप मुख्यमंत्री बनने से पहले की पुरानी पोस्ट है। उसे कोई नोटिस दिए बगैर और बिना जांच के ही सीधे आदेश जारी कर बर्खास्त कर दिया गया। पन्ना लाल ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि उसके बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाकर उसे बहाल किया जाए। हाईकोर्ट ने पन्ना लाल की याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है।

जस्टिस अनिल खेत्रपाल की पीठ ने सरकार को नोटिस जारी करके पूछा था कि क्यों न सरकार के इस आदेश पर रोक लगा दी जाए। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से दायर किया गया है। इसमें कहा गया है कि पन्ना लाल की नियुक्ति एक वर्ष के लिए 23 मई 2018 को आउटसोर्स पालिसी के तहत अनुबंध पर की गई थी। इस नियुक्ति की अवधि बाद में बढ़ाते हुए 25 जुलाई 2020 तक कर दी गई, जो अब खत्म हो चुकी है। ऐसे में वह अपनी बर्खास्तगी के आदेशों को कैसे चुनौती दे सकता है। वैसे भी इस कार्यकाल में उसका काम संतोषजनक नहीं था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उपमुख्यमंत्री पर टिपण्णी करना सेवा में रहते हुए कदापि उचित नहीं ठहराया जा सकता। इसकी जांच के बाद उसे बर्खास्त किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए थे। अब कोर्ट ने अगली तारीख पर हरियाणा के वित्तायुक्त एवं राजस्व के अलावा आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल को पेश होने का आदेश दे दिया है।

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