​​​​​​​मिशन एडमिशन:1137 को मिला दाखिला, निजी स्कूलों ने अपडेट नहीं की 459 बच्चों की जानकारी

जींद16 दिन पहले
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जिले मेें निजी स्कूलों में अब तक 134ए के तहत दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। जिले में अब 1137 बच्चों को दाखिला मिल चुका है, लेकिन निजी स्कूल संचालक उसे पोर्टल पर अपडेट नहीं कर रहे हैं। अब तक 459 बच्चों का दाखिला पोर्टल पर अपडेट नहीं हो सका है। इसके अलावा 100 बच्चे ऐसे हैं, जिनको दाखिला देने से निजी स्कूलों ने इनकार कर दिया है। इसमें कुछ ऐसे आवेदक भी हैं जो खुद दाखिला लेने के लिए नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में अब भी 778 बच्चे दाखिला लेने से वंचित है। जिन निजी स्कूलों में दाखिला नहीं मिल रहा है, उनकी शिकायत सभी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को की गई है। जिले में अब तक सभी बीईओ के पास लगभग 50 शिकायतें आई हैं, जिनके बाद बीईओ द्वारा निजी स्कूलों को पत्र जारी कर दाखिला देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उसके बाद भी दाखिला नहीं मिल सका है। ऐसे में अभिभावक बीईओ कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अधिकारी भी दाखिला दिलवाने के मामले में कोई खास कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अब तक 10 निजी स्कूलों को ही नोटिस जारी किया गया है, लेकिन वह भी नहीं मान रहे हैं। इसमें जींद, अलेवा और उचाना के निजी स्कूल शामिल हैं। वहीं शुक्रवार को 134ए के तहत दाखिला लेने का अंतिम दिन है। विभाग द्वारा अब तक तीन बार तिथि बढ़ाई जा चुकी है, लेकिन निजी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे हैं।

निजी स्कूलों ने दिए बच्चों के नाम, इनकम सर्टिफिकेट जांच की मांग
निजी स्कूल संचालकों की तरफ से 134ए के तहत आए उन विद्यार्थियों के नाम विभाग को दिए हैं, उनके इनकम सर्टिफिकेट पर उनको संशय है। इसकी जांच के लिए जिला स्तर पर एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी भी बनाई गई है, जो इनकी जांच करेगी और आगे रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

दाखिला नहीं देने पर हाेगी कार्रवाई : बीईओ
134 ए के तहत दाखिला प्रक्रिया जारी है। शुक्रवार को दाखिला लेने की अंतिम तारीख है। जिन स्कूलों की शिकायत अभिभावकों ने की है, उन्हें लिखित आदेश दिए गए हैं कि वह बच्चों को दाखिला दे। यदि कोई नहीं देता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-सुशील जैन, बीईओ, जींद

134 ए के तहत दाखिला प्रक्रिया जारी है। शुक्रवार को दाखिला लेने की अंतिम तारीख है। जिन स्कूलों की शिकायत अभिभावकों ने की है, उन्हें लिखित आदेश दिए गए हैं कि वह बच्चों को दाखिला दे। यदि कोई नहीं देता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-सुशील जैन, बीईओ, जींद

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