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आफत बना पानी:दो दिन में 150एमएम बारिश, 10 हजार एकड़ फसल डूबी

जींद12 दिन पहले
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  • भारी बारिश और फेल ड्रेनेज सिस्टम से खेतों में दो से चार फीट जमा पानी, बारिश रुकने के 48 घंटे बाद भी नहीं निकला, फसलें खराब

किसानों के लिए दो दिन हुई भारी बारिश प्रशासन की लापरवाही के चलते फायदे से ज्यादा मुसीबत बन गई है। हजारों एकड़ धान सहित अन्य फसलें डूब गई हैं। हाल में रोपे गए धान की पौध उखड़ गई है। बारिश बंद होने के 48 घंटे बाद भी खेतों में दो से चार फीट पानी जमा है। ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से पानी निकलने के बजाए ऊंचाई वाले आसपास के क्षेत्रों का पानी यहां आ रहा है।

प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए पंपसेट लगाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार रोजाना 250 क्यूसेक पानी रोज निकाला जा रहा है, लेकिन पूरा पानी निकलने में करीब 48 घंटे लगेंगे। फसलें खराब होने पर किसानों को करीब 10 हजार रुपए प्रति एकड़ का नुकसान होगा। किसानों ने डीसी से मिलकर मुआवजा देने की मांग की। कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक के अनुसार बारिश का पानी खेतों में भरा हुआ है। इससे फसलों को नुकसान होगा। सामान्य से अधिक बारिश से फसलें अच्छी हैं लेकिन कुछ निचले इलाकों में बारिश से नुकसान हो रहा है।

66 फीसदी अधिक हुई बारिश, ड्रेनेज सिस्टम फेल

जींद में इस सीजन में सामान्य से 66 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। अब तक जींद में करीब 226 मिमी बारिश हुई है। इसमें से पिछले दो दिन में 150 मिमी पानी बरसा है। इससे सफीदों, पिल्लूखेड़ा, अलेवा, जुलाना व नरवाना क्षेत्र में जलभराव से करीब 10 हजार एकड़ में धान समेत अन्य फसलें डूब गई हैं। रिटौली, जामनी, आसन, भिड़ताना, ढाठरथ, रजाना, बिघाना, दुड़ाना आदि समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के खेतों में चार फीट तक पानी भरा है। प्रशासन से मिलने पहुंचे किसान रघुबीर सिंह, सतबीर शर्मा, रामकेश, प्रदीप कुमार, सत्ता, फतेहसिंह ने मांग की है कि उनके खेतों से पानी की निकासी कराई जाए और हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से मुआवजा दिलाया जाए।

हाल ही में रोपे गए धान की फसल पूरी तरह बर्बाद

जिले में 1 लाख 38 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की जाती है। 90 प्रतिशत एरिया में किसानों द्वारा धान की रोपाई का काम पूरा कर लिया है। इसमें हाल में रोपी गई फसल पूरी तरह उखड़ गई है तो कुछ फसल डूबने से गलने लगी है। ऐसे में किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। अकेले ढाठरथ गांव में 300 एकड़ से ज्यादा खेतों में दो से चार फीट तक पानी भरा है।

इसलिए समस्या : कई ड्रेनों की सफाई आज तक पूरी नहीं, कालवा किनाना ड्रेन बीच में बंद पड़ी

बरसाती सीजन से पहले डे्रनों की सफाई होने से मुसीबत हो गई है। कई ड्रेनों में निकासी पूरी तरह ठप है। इससे खेतों से पानी उतरने के बजाय भर रहा है। कालवा किनाना ड्रेन बीच में बंद पड़ी है। इस जमीन को पाटकर सफेदे आदि लगाए हुए हैं। विभाग द्वारा सफाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। लेकिन बरसाती सीजन में उन डे्रनों में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई है। जींद शहर में सब्जीमंडी, अर्जुन स्टेडियम समेत कई जगहों पर पानी भरा है।

आगे क्या: आज फिर बारिश के आसार

गुरुवार को भी बारिश होने के आसार हैं। बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर तक बारिश की आशंका बनी रही। हवा चलते अधिकतम तापमान 34 डिग्री तो न्यूनतम 26 डिग्री के आसपास रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अभी बारिश का मौसम बना हुआ है। बुधवार रात से लेकर गुरुवार तक कम या भारी बारिश हो सकती है।

जिन किसानों की फसलें डूबी हैं, वे संबंधित एसडीएम को जरूर नोट कराएं। प्रशासन का प्रयास है कि पानी निकासी हो। फिर भी पानी से फसल खराब होती है तो सरकार को अवगत कराया जाएगा। स्पेशल गिरदावरी तो नहीं रेगुलर गिरदावरी का कार्य शुरू हो गया है। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी, जींद।

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