राशि रिकवरी के लिए आयोग ने दिए निर्देश:बोहतवाला गांव के निवर्तमान सरपंच और ग्राम सचिव पर 25 हजार रुपए जुर्माना

जींद12 दिन पहले
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  • आरटीआई के तहत विकास कार्यों में खर्च रुपए की नहीं दी थी जानकारी

सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी नहीं देने पर राज्य सूचना आयोग ने बोहतवाला गांव के निवर्तमान सरपंच जगमोहन और तत्कालीन ग्राम सचिव सन्नी (हाल अम्बाला के शहजादपुर ब्लाॅक में कार्यरत) पर 12500-12500 रुपए का जुर्माना लगाया है।

यह जुर्माना राशि अक्टूबर के वेतन से काटने के निर्देश दिए हैं और राशि को आयोग के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। राशि रिकवरी के लिए आयोग ने बीडीपीओ जींद और बीडीपीओ शहजादपुर को निर्देश दिए हैं और इस राशि को 31 दिसंबर तक आयोग के पास जमा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीडीपीओ शहजादपुर को इस आदेशों की कॉपी ग्राम सचिव सन्नी को भेजने को भी कहा है।

बोहतवाला गांव निवासी जयभगवान ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत 16 नवंबर 2018 को गांव के विकास कार्यों व अन्य कार्यों से संबंधित 32 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी, लेकिन उसे सूचना प्रदान नहीं की गई। उसके बाद उसने 3 दिसंबर 2019 को द्वितीय अपील की, जिस पर 8 जनवरी 2020 को शो कॉज नोटिस जारी किया गया। इसकी सुनवाई राज्य सूचना आयुक्त ने 31 अगस्त को कैंप आफिस में सुनवाई की और अपना फैसला सुनाया।

अब इसकी कॉपी जारी की गई, जिसमें राज्य सूचना आयुक्त ने ग्राम पंचायत बोहतवाला के निवर्तमान सरपंच जगमोहन और तत्कालीन ग्राम सचिव व वर्तमान में अम्बाला के शहजादपुर में कार्यरत ग्राम सचिव सन्नी पर 12500-12500 रुपए का जुर्माना लगाया है।

जयभगवान ने बताया कि उसने गांव में पाइप लान दबाने पर हुए खर्च, गली निर्माण के बिलों, ट्यूबवेलों पर खर्च की गई राशि की बिलों की कॉपी सहित 32 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी, लेकिन निवर्तमान सरपंच और ग्राम सचिव ने जानकारी नहीं दी। इसकी अपील की गई, जिस पर राज्य सूचना आयुक्त ने सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया है। इसमें निवर्तमान सरपंच और ग्राम सचिव पर जुर्माना लगाया गया है।

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