स्वच्छता की ओर एक और कदम:हर माह 59.33 लाख खर्च, फिर भी गंदगी, अब बाजारों की रात्रि सफाई पर खर्च होंगे 22 लाख

जींद2 महीने पहले
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शहर के मुख्य मार्गों की सफाई करते कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
शहर के मुख्य मार्गों की सफाई करते कर्मचारी।

शहर में अब नाइट स्वीपिंग (रात्रि सफाई) भी हो सकेगी। इस पर 2 करोड़ 80 लाख रुपए खर्च होंगे। इसका अब अलग से टेंडर किया जाएगा। इसकी मंजूरी मिल गई है, जबकि पहले 3 साल से पूरे शहर की सफाई का एक ही ठेका उठता था। इसके तहत ही नाइट स्वीपिंग का काम किया जाता था, लेकिन नाइट स्वीपिंग का टेंडर अलग से लगाया जा रहा है।

नाइट स्वीपिंग पर हर माह 22 से 23 लाख रुपए खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। इस पर कुल 2 करोड़ 80 लाख रुपए की राशि खर्च होगी। इसकी मंजूरी के लिए नगर परिषद ने जिला नगर आयुक्त के माध्यम से फाइल स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय को भेजी थी, जिसकी प्रशासनिक अनुमति मिल गई है। नाइट स्वीपिंग के तहत शहर के काॅमर्शियल एरिया यानी केवल बाजारों के बाहर की सफाई का काम किया जाएगा।

यह संसाधन: 216 कर्मी गली व सड़कों की कर रहे सफाई
नप के पास इस समय 109 कर्मचारी कच्चे व 107 कर्मचारी पक्के हैं। इनके पास गलियों की सफाई और मुख्य मार्गों की सफाई का काम है। शहर में 5 जोन में बांटकर सफाई की जाती है। बावजूद इसके शहर की गलियों व मुख्य मार्गों की सफाई का काम दो से तीन दिन में एक बार हो पाता है।

3 साल पहले होती थी नाइट स्वीपिंग
शहर में हर माह सफाई का 59.33 लाख का ठेका दिया गया है। इसके तहत केवल डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व कूड़ा लिफ्टिंग का काम हो रहा है, जबकि पिछले 3 साल में सड़कों की सफाई व नाइट स्वीपिंग भी की जाती थी, लेकिन अबकी बार नाइट स्वीपिंग नहीं हो रही। इसलिए नाइट स्वीपिंग के लिए अलग से टेंडर छोड़ा गया है। इस पर हर माह 22 से 23 लाख रुपए खर्च होंगे।

तीन गुना खर्च, सड़कों पर कूड़ा
पिछले 3 साल से शहर में सफाई का काम कई गुना महंगा हो गया है। 2018-19 में शहर की सफाई का ठेका 24.48 लाख रुपए प्रतिमाह में दिया गया था। 2019-20 में यह टेंडर 42 लाख रुपए में पहुंच गया था। पिछले साल यह टेंडर बढ़कर 48 लाख रुपए कर दिया गया था। इस साल 59.33 लाख रुपए प्रतिमाह में छोड़ा गया है।

इन इलाकों में नाइट स्वीपिंग जरूरी
मेन बाजार, पालिका बाजार, गांधी गली, सर्राफा बाजार, रुपया चौक से शिव चौक, झांझ गेट से बैंड मार्केट, बैंक रोड, घंटाघर चौक, जनता बाजार, इंद्रा बाजार, सब्जी मंडी, काठ मंडी, हुडा के अधीन आने वाली मार्केट शामिल हैं। इन इलाकों में सफाई के सारे दावे के बाद भी गंदगी रहती है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है।

जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा
शहर में नाइट स्वीपिंग का काम ठेके पर दिया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय से प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। नाइट स्वीपिंग के तहत शहर के काॅमर्शियल साइट की सफाई करवाई जाएगी। -सुमित कुमार, एमई, नगर परिषद, जींद।

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