शहर में मना भाईदूज:धूमधाम से मनाया भाई दूज: बहनों ने तिलक लगाकर भाई के लिए मांगी लंबी आयु

जींद21 दिन पहले
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जींद. भाई दूज पर अपने भाई को तिलक करती बहनें। - Dainik Bhaskar
जींद. भाई दूज पर अपने भाई को तिलक करती बहनें।

| बहन-भाई के प्यार का प्रतीक भाई दूज बड़े उल्लास के साथ शनिवार को मनाया गया। बहनों ने भाई को तिलक कर उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए कामना की। भाइयों ने भी अपनी बहनों के लिए उपहार खरीदकर उन्हें दिए। दिवाली की रौनक भैया-दूज के दिन भी खूब दिखाई दी।

जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन कुमार शास्त्री के अनुसार इस बार भैया-दूज पर्व बहनों के भाइयों के लिए श्रेष्ठ और स्थिर रहेगा। बताया जाता है कि भाई दूज की शुरुआत द्वापर युग से हुई। इसे यम द्वितीय भी कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार सूर्य की संज्ञा से दो संतान थी, पुत्र यमराज व पुत्री यमुना। यमुना और यमराज में बहुत प्रेम था। वह जब भी यमराज से मिलने जाती, उन्हें अपने घर आने को कहती लेकिन व्यस्तता के चलते यमराज नहीं जा पाते। एक दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीय को यमराज अचानक अपनी बहन यमुना के घर पहुंच गए।

यमुना ने अपने भाई का आदर सत्कार करते हुए तिलक लगाया और स्वादिष्ट भोजन भी कराया। यमराज अपनी बहन की सेवा से बहुत प्रसन्न हुए और वर मांगने को कहा। यमुना ने अपने भाई के आग्रह को स्वीकार करते हुए कहा कि आप यह वर दीजिए कि प्रतिवर्ष आज के दिन आप यहां आएंगे और मेरा आतिथ्य स्वीकार करेंगे।

वहीं इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर जाकर आतिथ्य स्वीकार करेगा, आप उसे दीर्घायु का आशीर्वाद देंगे। तभी से हर वर्ष कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की द्वितीय को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है।

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