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मौत का मामला:रुपए न होने पर नहीं कर सके एंबुलेंस, जब मुफ्त एंबुलेंस मिली, तब तक महिला ने तोड़ दिया दम

जींद10 दिन पहले
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नागरिक अस्पताल में बुखार से पीड़ित महिला को एंबुलेंस न मिलने पर मौत हो गई। पुलिसकर्मी के सहयोग से जब तक उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध होती तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। हालांकि इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा कोई शिकायत नहीं की गई, लेकिन मानवीय संवेदनाएं तार-तार हो गईं। गांव मोहम्मद खेड़ा निवासी सुनील अपनी 27 वर्षीय पत्नी सोनिया को लेकर शनिवार रात को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया था।

सोनिया को तेज बुखार था, जिस पर उसे डॉक्टरों द्वारा पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। उस समय सुनील के पास इतने रुपए नहीं थे कि वो अपनी पत्नी को पीजीआई रोहतक तक ले जा सके। इस पर वो अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठ गया। काफी समय बाद वहां पुलिस सिक्योरिटी कार्यरत एसए विनोद कुमार पहुंचे और उनसे उनकी समस्या को पूछा। सुनील द्वारा उन्हें अपनी समस्या से अवगत करवाते हुए सारी बात बताई। इस पर विनोद ने नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों से बातचीत कर मुफ्त में एंबुलेंस का प्रबंध करवा दिया, लेकिन एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही सोनिया ने दम तोड़ दिया।

बाद में मृतका के परिजन भी अस्पताल पहुंचे और बिना पोस्टमार्टम करवाए ही शव को वापस ले गए। एंबुलेंस सेवा के फ्लीट मैनेजर दिनेश ने बताया कि ऐसा कोई भी मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। बीती रात को गंभीर मरीज की एक ही एंट्री उनके यहां इंद्राज है। इसके अलावा किसी भी गंभीर मरीज के परिजन ने एंबुलेंस के लिए संपर्क नहीं किया और न ही कॉल की। अगर कोई कॉल या एंबुलेंस के लिए आता तो तुरंत प्रभाव से एंबुलेंस उपलब्ध करवाई जाती।

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