विवाद बरकरार:प्राइवेट खरीदारों व ट्रांसपोर्टर के बीच विवाद बरकरार, अनाजमंडी में अटकी 6 हजार क्विंटल धान की खरीद

जींद2 महीने पहले
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जींद. खरीदारों व ट्रांसपोर्टरों के विवाद मामले में मीटिंग लेते एसडीएम। - Dainik Bhaskar
जींद. खरीदारों व ट्रांसपोर्टरों के विवाद मामले में मीटिंग लेते एसडीएम।

अनाजमंडी से धान उठान में बाहरी व्हीकल लगाने के विरोध कर खुद के मनमाने रेट पर वाहन लगाने वाले ट्रांसपोर्टर व पक्का आढ़तियों के बीच विवाद दूसरे दिन गुरुवार को भी बरकरार रहा। इससे जींद की नई अनाजमंडी में आई करीब 6 हजार क्विंटल बारीक धान किस्म 1509 की बिक्री नहीं हो पाई है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। मामले को लेकर एसडीएम दलबीर सिंह ने मंडी में जाकर मार्केट कमेटी कार्यालय में पक्का आढ़तियों व ट्रांसपोर्टरों की मीटिंग की, लेकिन बात नहीं बन पाई।

एसडीएम के साथ मीटिंग में एसोसिएशन के पदाधिकारियों समेत अनेक व्यापारी व ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे। पक्का आढ़तियों ने कहा कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे। वहीं मंडी में गुरुवार को पीआर धान की खरीद हुई, लेकिन किसानों की 1509 धान के लिए कोई खरीदार नहीं पहुंचा। दी न्यू फूडग्रेन डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुशील सिहाग ने बताया कि एसडीएम दलबीर सिंह व एएसपी नितिश अग्रवाल द्वारा ली मीटिंग में भी विवाद का पटापेक्ष न हो पाया है। खरीद न होने से किसानों द्वारा मंडी में लाई गई धान 1509 की बिक्री नहीं हो पाई है। इसके अलावा मंडी में बाजरा की आवक भी हो रही है, लेकिन उसकी सरकारी खरीद नहीं हो रही है। इससे किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

आवक तेज होने व सरकारी खरीद होने के बाद भी धान की ढेरियों से अटी अनाज मंडी

अलेवा, पीआर किस्म की धान की आवक तेज होने व सरकारी खरीद होने के बाद भी अलेवा अनाज मंडी धान की ढेरियों व बैगों से अटी पड़ी है। अनाज मंडी के गेट से लेकर चारों और धान के बैगों व फसल की ढेरियां लगी हुई हैं। जिला प्रशासन द्वारा अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद के लिए हैफेड व वेयर हाऊस दो खरीद एजेंसियां निर्धारित की हुई हैं। सोमवार, मंगलवार, गुरूवार व शनिवार को सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड व बुधवार व शनिवार को सरकारी खरीद एजेंसी वेयर हाउस द्वारा धान की पीआर किस्म की सरकारी खरीद की जा रही है। मार्केट कमेटी के सचिव विकास गुप्ता ने बताया कि कमेटी के रिकार्ड के अनुसार दोनों एजेंसियों द्वारा बुधवार शाम तक लगभग चालीस हजार यानि की 13 हजार 174 क्विंटल धान की पीआर किस्म की सरकारी खरीद की गई है।

बाहर की गाड़ियाें के बिना कोई काम नहीं चल सकता है। हर साल 30 लाख बोरियों की खरीद यहां मंडी में होती हैं और 15 लाख बोरियों को बाहर की गाड़ियां ही उठाती रही हैं। बाहरी गाड़ी का रेट कम है और बाहरी ट्रांसपोर्टर का धुरी में धान ले जाने के लिए 65 रुपए प्रति क्विंटल का टेंडर हुआ है। जबकि स्थानीय 140 रुपए मांग रहे हैं। इनके पास पर्याप्त गाड़ियां नहीं हैं।-महावीर कंप्यूटर, प्रधान, पक्का आढ़ती एसोसिएशन, जींद।

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