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शहर में सांस लेना हो जाएगा मुश्किल:खस्ताहाल सड़कों से उड़ती धूल, एक्यूआई पहुंचा 274, पीएम 2.5 खतरे से ऊपर 220 पर पहुंचा

जींद8 महीने पहले
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शहर के रोहतक रोड पर उड़ रही धूल। - Dainik Bhaskar
शहर के रोहतक रोड पर उड़ रही धूल।

शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। यह सब हालात तब हैं जब जिले में धान की कटाई-झड़ाई कार्य ने जोर नहीं पकड़ा है। शहर में कई सड़कों के खस्ताहाल होने व दिनभर यहां उड़ने वाली धूल के कारण अभी से एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) का स्तर 274 तक पहुंच गया है। शहर में एक्यूआई का यह स्तर पुलिस लाइन, लघु सचिवालय के आसपास का है।

यदि शहर के रोहतक रोड, हांसी रोड, सफीदों रोड, मिनी बाईपास रोड आदि एरिया में जाकर एक्यूआई का स्तर का आकलन किया जाए तो स्थिति और भी गंभीर है। क्योंकि यहां की सड़कें खस्ताहाल हैं और दिनभर यहां पर बैठना तो दूर की बात निकल पाना ही लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। परिणाम यह है कि अपना जींद शहर अभी से ही दिल्ली के कई इलाकों से ज्यादा प्रदूषित शहर हो गया है। इतना ही नहीं पीएम 2.5 (हवा में धूल के कण) का स्तर भी मंगलवार को शहर में 220 तक पहुंच गया। जिसे सेहत के लिए काफी नुकसानदायक माना जाता है।

राहत के आसार नहीं जिले में 54 जगहों पर पराली जलाने की घटना

प्रदूषण के स्तर में सुधारने के आसार नजर नहीं आ रहे। क्योंकि धान-कटाई झड़ाई का सीजन है। पराली जलाने की घटनाएं हो रही हैं। मंगलवार को जिले में सुबह हल्का स्मॉग भी छाया। कृषि उपनिदेशक डाॅ. सुरेंद्र मलिक ने बताया कि 12 अक्टूबर तक जिले में 54 जगहों पर पराली जलाने की लोकेशन मिली है। इस दौरान 42 एकड़ एरिया में पराली जलाने का अनुमान है। इस पर संबंधित किसानों को नोटिस दिए गए हैं। बता दें कि पिछले वर्ष जिले में पराली जलाने पर 398 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस दौरान फसल अवशेष प्रबंधन पर 7 लाख से ज्यादा की राशि भी किसानों में बांटी गई थी।

बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी : डाॅ. वर्मा

प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर हर किसी को परेशानी होना स्वभाविक है, लेकिन इसमें सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को होती है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है। प्रदूषण बढ़ने और हवा में पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने से सांस, एलर्जी की बीमारियों को बढ़ावा मिलता है। इसी तरह से जो सांस रोगी हैं उनकी दिक्कत इस तरह के वातावरण में और बढ़ जाती है। डाॅ. नरेश वर्मा, फिजीशियन एवं एसएमओ सिविल अस्पताल जींद।

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