गांव ने वैक्सीन का बहिष्कार कर दिया था अब माने:आठ कैम्प भी नाकाम रहे; अब 23 दिन में 16 मौतें हुईं तो स्वास्थ्य विभाग से कहा- ‘म्हारै गाम आओ और टीका लगाओ’

जींद5 महीने पहलेलेखक: शिवकुमार गौड़
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जींद | रूपगढ़ गांव में आयोजित पंचायत में शामिल ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
जींद | रूपगढ़ गांव में आयोजित पंचायत में शामिल ग्रामीण।

कोरोना संक्रमण को लेकर ग्रामीण इलाकों में तरह-तरह की भ्रांतियां देखने-सुनने को मिल रही हैं। जानकारियों के अभाव या किसी बहकावे में ग्रामीण अक्सर खुद को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले ले बैठते हैं, जिन पर बाद में अफसोस के अलावा कुछ नहीं बचता। ऐसा ही एक मामला जींद के रूपगढ़ में सामने आया।

ग्रामीणों ने पहले तो वैक्सीनेशन का बहिष्कार कर रखा था, लेकिन मौतें बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग से टीकाकरण की गुहार लगाई है। करीब 4500 की आबादी वाले गांव में अप्रैल की शुरुआत में संक्रमण नहीं था। यहां किसान आंदोलन का भी प्रभाव था। तत्कालीन हालात में वैक्सीन लगाने पहुंची टीमों को कई बार ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।

गांव में मुनादी करवा दी गई कि कोई भी वैक्सीन नहीं लगवाएगा। अधिकारियों के अनुसार यहां लगे आठ कैम्पों में हर बार 5-6 टीके ही लगे। इसी बीच, 22 अप्रैल के बाद गांव में बुखार से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। 14 मई तक 23 दिन में 16 मौतें हो चुकी थीं। मौत का कारण बुखार के बाद सांस लेने में दिक्कत रहा।

मौतों ने ग्रामीणों की सोच बदली। संक्रमण से निपटने को 36 बिरादरी की पंचायत बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता करने वाले निवर्तमान सरपंच संदीप अहलावत ने अब स्वास्थ्य विभाग से कहा है कि म्हारै गाम आओ और टीका लगाओ। पंचायत में फैसला हुआ कि चंदा जुटाकर गांव को सैनिटाइज करेंगे। कोविड 19 प्रोटोकॉल भी मानेंगे। सामूहिक हुक्का पीने और ताश खेलने पर भी रोक रहेगी। निगरानी के लिए 21 लोगों की कमेटी बनाई गई है।

अब दूसरी जगह जाकर भी वैक्सीन लगवाने लगे लोग

शुरू में वैक्सीनेशन करने वाली टीमों को विरोध झेलना पड़ा। अब लोग जागरूक हो रहे हैं। जींद, कंडेला तक में जाकर टीका लगवा रहे हैं। 350 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।
-जितेंद्र शर्मा, एसएमओ, सीएचसी कंडेला

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