किसानों ने 2 घंटे जाम रखा हिसार-चंडीगढ़ हाईवे:भिवानी में कृषि मंत्री जेपी दलाल का विरोध कर रहे किसानों की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई; साथियों की रिहाई पर हटाया धरना

भिवानी/जींद17 दिन पहले
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किसानों ने इस तरह हिसार-चंडीगढ़ हाईवे जाम किया था। - Dainik Bhaskar
किसानों ने इस तरह हिसार-चंडीगढ़ हाईवे जाम किया था।

हरियाणा के भिवानी जिले में कृषि मंत्री जेपी दलाल का विरोध कर रहे किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को किसान बिफर गए। किसानों ने बद्दोवाल टोल के पास हिसार-चंडीगढ़ हाईवे को जाम कर दिया। जाम करीब दो घंटे रहा। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। किसानों ने सुनील बद्दोवाल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और वाहनों को वैकल्पिक रास्ते से निकालने का प्रयास किया गया। वहीं दोपहर करीब साढ़े 12 बजे किसानों ने उस समय जाम खोल दिया, जब उन्हें पता चला कि गिरफ्तार किसानों को भिवानी में छोड़ दिया गया है।

किसानों द्वारा हाईवे जाम करने के बाद टोल पर लगी वाहनों की कतारें।
किसानों द्वारा हाईवे जाम करने के बाद टोल पर लगी वाहनों की कतारें।

ये था मामला
कृषि मंत्री जेपी दलाल को बुधवार को अपने ही गृह जिले भिवानी में किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। जेपी दलाल यहां आदर्श महिला कॉलेज के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने के लिए पहुंचे थे। जब इस बात का पता लगा तो सैकड़ों किसान कॉलेज के गेट के आगे जमा हो गए और धरना शुरू कर दिया। करीब 5 घंटे तक किसानों का धरना चलता रहा। हांसी रोड पर स्थित आदर्श महिला कॉलेज में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया था।

बुधवार को महिला कॉलेज के बाद मंत्री दलाल का विरोध करने के लिए जुटे थे किसान।
बुधवार को महिला कॉलेज के बाद मंत्री दलाल का विरोध करने के लिए जुटे थे किसान।

कॉलेज के पीछे वाले गेट से निकले कृषि मंत्री
किसानों ने बताया कि वह मंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए कॉलेज के अंदर भी जा सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह एक महिला कॉलेज है और यहां पढ़ने वाली बेटियां सभी के लिए बराबर हैं। उन्होंने सिर्फ बाहर से ही मंत्री का विरोध किया। किसानों ने कई घंटे तक कॉलेज के मुख्य गेट को कब्जा में रखा। हालात काबू करने के लिए काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। एक बार पुलिस ने बैरिकेडिंग करके मंत्री को वहां से निकालने का प्रयास किया, लेकिन मंत्री के निकलने से पहले ही किसानों ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया था। किसानों की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंत्री को कॉलेज के पीछे वाले गेट से निकाला था।

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