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सुधरने लगे हालात:गांवों में भी अब कोरोना के साथ बुखार के केस घटे, अस्पतालों में ओपीडी का आंकड़ा मई से आधा रहा

जींद16 दिन पहले
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  • {प्रति सीएचसी पहले जहां 100 से 120 मरीज पहुंचते थे, अब 50 से 60 तक सिमटने लगा, बच्चों में भी खांसी-जुकाम का प्रकोप

मई में बुखार के प्रकोप से जहां गांवों में लगभग हर घर में मरीज चारपाई पर लेटा दिखाई देता था वहीं अब गांवों में भी हालात सुधरने लगे हैं। कोरोना के साथ-साथ बुखार के केस भी गांवों में घटे हैं। इसका नतीजा पहले जहां सीएचसी व पीएचसी व अन्य अस्पतालों में रोजाना 100 से 120 मरीजों की ओपीडी होती थी वहीं अब 50 से 60 तक सिमटने लगी है।

गांवों में स्वास्थ्य हालात सुधरना शुभ संकेत है। हालांकि इन दिनों अस्पतालों में पहुंच रहे मरीजों में 20 प्रतिशत तक बच्चे भी पहुंच रहे हैं। बच्चों में खांसी-जुकाम की शिकायत मिल रही है। सीएचसी खरकरामजी के इंचार्ज डाॅ. मनदीप के मुताबिक गर्मी के सीजन में बच्चों द्वारा लापरवाही बरतना स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है।

गांवों में कम लोगों ने ही करवाए कोरोना सैंपल

जिला जींद की आबादी करीब 14 लाख 15 हजार के आसपास है, जिसमें से 77 प्रतिशत जनसंख्या 306 गांवों में रहती है। पिछले कोरोना काल में पहले जहां शहरी क्षेत्र में संक्रमण ज्यादा रहा था वहीं दूसरी लहर में गांवों में भी कोरोना बम फूटा और काफी लोगों को चपेट में लिया। ग्रामीणों ने कोरोना से अपनों को खो दिया। मई में जिले के किलाजफरगढ़, बिरौली, पौली, बराह कलां, भिड़ताना जैसे कई गांवों में बुखार से दर्जनों मौत हो गई थी।

बिरौली गांव में एक ही दिन की जांच में 42 पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और सरकार के निर्देश पर गांवों में डोर टू डोर सर्वे कराया गया। आशा व आंगनबाड़ी वर्कर्स द्वारा किए गए सर्वे में गांवों में ज्यादातर बुखार पीड़िताें ने सैंपल ही नहीं दिए। बाकी के सैंपलों में कुल 195 केस कोरोना पॉजिटिव पाए गए लेकिन अब गांवों की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।

मई में मौतों का आंकड़ा 313 पार पहुंचा था

कोरोना की दूसरी लहर जिले के लोगों पर भारी पड़ी और मई में मौतों का आंकड़ा 313 पार पहुंचा, लेकिन गांवों में बनाए गए आइसोलेशन सेंटरों पर अभी तक कोई मरीज नहीं पहुंचा। प्रशासन की ओर से कोरोना मरीजों को अस्पतालों में बेड न मिलने के चलते गांव की चौपाल, स्कूल आदि में आइसोलेशन सेंटर बनाए गए थे लेकिन चारपाई पर बिस्तर बिछाने के अलावा सुविधा के नाम पर यहां कुछ नहीं था।

नोडल अधिकारी एवं जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी आरके चंदना के मुताबिक जिले के 55 से अधिक गांवों में आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं। निवर्तमान सरपंच संदीप कुमार, रेखा देवी, कविता देवी खरकरामजी ने बताया कि गांवों में अब बुखार आदि बीमारियों से बचाव है।

अब ओपीडी हो रही कम

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व पीएचसी आदि अस्पतालों में अब ओपीडी कम हो रही है। गांवों में पहले वायरल व मौसमी बुखार आदि का प्रकोप था लेकिन अब हालात सामान्य हो गए हैं। इन दिनों खांसी-जुकाम की शिकायत बच्चों में मिल रही है, जो दवा लेने से स्वस्थ हो रहे हैं। ग्रामीणों को चाहिए कि वे अब भी कोविड नियमों का पालन करें। मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंस बनाए रखें। डाॅ. पालेराम कटारिया, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी​​​​​​​

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