शैक्षणिक संस्थाओं को खोलने का अल्टीमेटम:माजरा खाप बोली- स्कूल-कॉलेज बंद करके बच्चों को अनपढ़ रखने की साजिश; 30 को जींद में लेंगे फैसला

जींद4 महीने पहले
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माजरा खाप के प्रधान महेंद्र सिंह और प्रवक्ता रामफल फोर। - Dainik Bhaskar
माजरा खाप के प्रधान महेंद्र सिंह और प्रवक्ता रामफल फोर।

हरियाणा के जींद में माजरा खाप ने शिक्षण संस्थाओं काे बंद रखने के सरकार के फैसले की मंशा पर सवाल उठाए हैं। खाप ने कहा है कि कोरोना के नाम पर सरकार बच्चों को अनपढ़ रखने की साजिश कर रही है, ताकि कॉर्पोरेट के लिए सस्ते मजदूर पैदा किए जा सकें।

सिर्फ स्कूल-कॉलेज ही बंद

माजरा खाप के प्रधान महेंद्र सिंह रिढाल ने कहा कि जब बाजार खुले हैं, माल खुले हैं, रेलवे व परिवहन सेवा जारी है और सभी सरकारी कार्यालय खुले हैं तो स्कूल व कॉलेज क्यों बंद है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों का भी मानना है कि बच्चों में इम्युनिटी पावर ज्यादा होती है। ऐसे में बहुत दुख की बात है कि बच्चों को कोरोना के नाम पर शिक्षा से दूर रखा जा रहा है।

स्कूलों में आता है कोरोना, रैलियों में नहीं

माजरा खाप के प्रवक्ता समुंद्र सिंह फोर ने कहा कि रैलियों के नाम पर हजारों लोग इकट्ठा हो रहें हैं। नेताओं के पीछे सैकड़ों गाड़ियां चलती हैं। चुनावों में जमकर जनसभाएं हो रही हैं। वहां कोरोना नही फैलता। कोरोना के नाम पर बच्चों को शिक्षा से दूर रखकर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

खापों की बैठक पर चर्चा

समुंद्र सिंह फोर ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही स्कूल व कॉलेजों को नही खोला तो माजरा खाप 30 जनवरी को खटकड़ टोल प्लाजा पर खापों की मीटिंग बुलाएगी। मीटिंग में सख्त फैसला लिया जाएगा। फिर भी अगर सरकार ने इस ओर ध्यान नही दिया तो खाप पंचायत स्कूल खोलने का फैसला ले सकती है।

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