पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

टीबी के खात्मे के लिए मिली शाबाशी:एनटीपी स्कोर कार्ड में जींद को मिला प्रदेश में दूसरा स्थान, फतेहाबाद रहा अव्वल

जींद16 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • टीबी के खात्मे के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलीमिनेशन प्रोग्राम में जिला स्वास्थ्य विभाग ने किया उल्लेखनीय काम

जिले में टीबी के खात्मे के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2020 में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। देशभर में चल रहे नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलीमिनेशन प्रोग्राम (एनटीपी) स्कोर कार्ड में प्रदेश में अच्छा कार्य करने पर जींद जिले को दूसरा स्थान मिला, जबकि फतेहाबाद पहले व भिवानी तीसरे स्थान पर रहा। केंद्र सरकार के एनटीपी के तहत हर वर्ष टीबी के खात्मे के लिए किस जिले में किस स्तर का काम हुआ है।

उसकी रैंकिंग तय की जाती है। वर्ष 2020 में जिले में टीबी के खात्मे, जिसमें टीबी को लेकर जागरूकता, टीबी मरीज तलाशना, मरीजों का उपचार करना, मरीजों को सरकार द्वारा दी जा रही सहायता राशि मिल रही है या नहीं सहित कई कार्य हैं। जिनका आकलन पूरे प्रदेश का एनटीपी स्कोर कार्ड तैयार किया जाता है। इस दौरान प्रत्येक कार्य के अंक निर्धारित होते हैं। उसी के आधार पर कुल 95 अंकों में से संबंधित कामों के अंक दिए जाते हैं।

ये है एनटीपी स्कोर कार्ड...

स्थान जिला हासिल/अंक प्रथम फतेहाबाद 78/95 द्वितीय जींद 76/95 तृतीय भिवानी 75/95

स्वास्थ्य कर्मियों ने 1955 मरीज का शुरू किया उपचार

वर्ष 2020 में एक जनवरी से लेकर 31 दिसंबर तक जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना काल होने के बावजूद जिले में टीबी के 1955 मरीज ढूंढे, इसके बाद उनका उपचार शुरू किया गया। इनमें से 1550 मरीजों का अब भी उपचार चल रहा है। इससे पहले इतनी बड़ी संख्या में जिले में टीबी के मरीज कभी सामने नहीं आए।

प्राइेवट अस्पताल सहयोग करते तो मिलता प्रथम स्थान

एनटीपी स्कोर कार्ड में जिला पहले स्थान पर आ सकता था लेकिन इसमें प्राइवेट अस्पतालों द्वारा लोगों को कितना जागरूक किया जा रहा है, कैटेगरी में जिले को अंक हासिल नहीं हो पाए। यानि अब भी जिले के प्राइवेट अस्पताल टीबी को लेकर न तो मरीजों को जागरूक रहे हैं और न ही मरीज के सामने आने पर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देते हैं। जबकि टीबी मरीज के बारे में जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचना देना अनिवार्य है।

टीबी के खात्मे के लिए सरकार करती है करोड़ों रुपए खर्च

केंद्र सरकार टीबी के खात्मे के लिए हर साल करोड़ों रुपए का बजट खर्च करती है। इस दौरान सरकार द्वारा 3 कैटेगरी में सहायता एवं प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसमें मरीज को उपचार के दौरान 500 रुपए प्रतिमाह, टीबी मरीजकी सूचना देने वाले को 500 रुपए व डॉट प्रोवाइडर (स्वास्थ्य कर्मी) को 500 रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में देती है।

पिछले वर्ष जिले में हुआ शानदार कार्य : डाॅ. लोहान

जिले में टीबी के खात्मे के लिए पिछले वर्ष लॉकडाउन रहने के बावजूद शानदार कार्य हुआ है। इसी का परिणाम है कि एनटीपी स्कोर कार्ड में जिले को दूसरा स्थान हासिल हुआ है। भविष्य में भी टीबी के खात्मे के लिए इसी तरह से काम किया जाएगा। लोग भी टीबी के प्रति जागरूकता बरतें और जब कोई लक्ष्ण नजर आए तो उसकी जांच जो कि फ्री में होती है अवश्य करवाएं।
-डाॅ. संदीप लोहान, डिप्टी सिविल सर्जन जींद।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आर्थिक योजनाओं को फलीभूत करने का उचित समय है। पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमता अनुसार काम करें। भूमि संबंधी खरीद-फरोख्त का काम संपन्न हो सकता है। विद्यार्थियों की करियर संबंधी किसी समस्...

    और पढ़ें